ज्ञानपुर। जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सुविधा मंगलवार को भी बहाल नहीं हो सकी। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन-यापन करने वाले मौसमी बीमारियों का उपचार कराने के लिए या तो इमरजेंसी वार्डों की ओर रुख कर रहे हैं अथवा मेडिकल स्टोर पर हर मर्ज का इलाज करने का चार्ज संभालने वाले झोलाछाप से दवाएं लेने के लिए विवश हो रहे हैं।
स्वास्थ्य महकमे ने शासनादेश का पालन करते हुए ओपीडी को बंद कर दिया। उधर, तीन दिन में कोरोना संक्रमित 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। साथ ही पांच सौ से अधिक की रिपोर्ट पाजिटिव आ चुकी है। कोरोना से बचाव के लिए प्रशासन सख्ती भी दिखा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को सरकारी अस्पतालों से लेकर चयनित निजी अस्पतालों में आक्सीजन की कमी न होने देने, मेडिकल स्टोर पर सर्दी, बुखार जैसी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा गया है। लेकिन निजी अस्पताल संचालक गरीब मरीजों से इलाज के नाम पर मनमाना कीमत वसूल रहे हैं। उधर, तहसील ज्ञानपुर, औराई, भदोही के विभिन्न बाजारों में खुलेआम मेडिकल स्टोर संचालक हर मर्ज की दवा दे रहे हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से मरीजों की भारी भीड़ दुकानों पर पहुंच रही है। इससे सोशल डिस्टेंस की गाइड का भी पालन नहीं हो पा रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर एके बंसल ने कहा कि महामारी के दौर में निजी और मेडिकल स्टोर संचालकों ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो सख्ती की जाएगी।