ज्ञानपुर/घोसिया। जिले के तीन सौ अधिक गांवों में बेपटरी हो चुकी बिजली आपूर्ति का मामला मंगलवार को मुख्य अभियंता मिर्जापुर तक पहुंच गया। औराई क्षेत्र हो या चौरी हर तरफ विभागीय लापरवाही के चलते बिजली आपूर्ति बदहाल हो गई है। नगरीय क्षेत्रों के लिए निर्धारित 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 20 घंटे का शेड्यूल बेमतलब हो गया है। आपूर्ति कब होगी, कब बंद हो जाएगी कोई रोस्टर निर्धारित न होने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
बिजली आपूर्ति लड़खड़ाने से खेती-बारी के कार्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। घोसिया क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार न होने के कारण जेई को बर्खास्त करने की मांग को लेकर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नुमान अहमद के नेतृत्व में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। कहा कि तार-खंभा विहीन वार्डों, मोहल्लों में बिजली आपूर्ति की स्थिति खस्ता हो गई है। शिकायत करने वालों में भाजपा नगर अध्यक्ष संजय साहू, रुखसार अहमद, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा सोनी, रूपेश बरनवाल, रतीश जायसवाल आदि रहे।
80 गांवों के लोगों की रात की नींद मयस्सर नहीं
चौरी। एक्सईएन-फर्स्ट सर्किल के अधीन चौरी क्षेत्र के 80 गांवों के लोगों की रात की नींद इन दिनों बिजली के गुलगपाड़े के कारण हराम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि आम उपभोक्ता से लेकर कॉमर्शियल कनेक्शनधारकों तक को न रात में नींद मिल रही है ना ही दिन में चैन। क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार न होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी जाने लगी है। क्षेत्र के आशीष दुबे, प्रदीप जायसवाल, सुदर्शन मौर्या आदि ने आरोप लगाया कि उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही से कटौती पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। लाकडाउन के कारण हर एक घरों में परिवारों की बढ़ जाने से न सही ढंग से लोगों को हवा मिल पाता है न पेयजलापूर्ति। किसान धान की रोपाई कर सिंचाई के लिए परेशान हो रहे हैं। पूर्व के दिनों में भी मामले को भी शिकायत की गई, लेकिन कोई असर विभाग पर नहीं पड़ रहा है। यदि दो दिन में कटौती का क्रम नहीं रुक सका तो लोग सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
पोल में उतरे करंट से मवेशी की मौत
ंौरी। थानाक्षेत्र के पुरषोत्तमपुर गांव में मंगलवार को करंट की चपेट में आकर एक मवेशी की मौत हो गई। पशुपालक सूर्यबली सिंह ने बताया कि कीमती पशु चारे की तलाश में पोल के पास पहुंच गया था। उसी दौरान पोल में उतरे करंट की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। आरोप है कि पोल में उतर रहे करंट की शिकायत विभागीय कर्मचारियों से की गई थी, लेकिन सुधार न होने से मवेशी की जान चली गई। इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र में हो रही हैं। चेतावनी दी कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाया तो ग्रामीण उच्चाधिकारियों का घेराव करने को बाध्य होंगे।