भदोही। बिजली विभाग को निजी हाथों को सौंपने के विरोध में मंगलवार को विद्युत मजदूर संगठन एवं विद्युत संविदा मजदूर, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के बैनर तले कर्मचारियों ने रामरायपुर स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता के माध्यम से 15 सूत्री मांगपत्र उप्र पावर कारपोरेशन के चेयरमैन को भेजा गया।
प्रदर्शन के दौरान विद्युत कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विद्युत संशोधन बिल 2020 जो लाया जा रहा है। वह ना तो उपभोक्ताओं के हित में ना ही कर्मचारियों के। निजीकरण के फैसले को वापस लिया जाए। सरकार कर्मचारी हितों की बात करती है, लेकिन उसके कार्य कर्मचारियों के विरोध मे है। विद्युत विभाग का निजीकरण कर सरकार विघटन को बढ़ावा दे रही है। कहा सरकार विभाग को बेहतर बनाना चाहती है तो उत्पादन गृहों का नवीनीकरण कर कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे। सुविधाएं बेहतर होने से विभाग अपने आप पटरी पर आ जाएगा।
धरना प्रदर्शन के अंत में अधीक्षण अभियंता की अनुपस्थिति में ज्ञापन सौंप कर कार्यक्रम समापन किया गया। प्रदर्शन करने वालों में दिपक दूबे, मंसूर अली, राम शिलोचन, कैलाश नाथ मौर्य, अनिल कुमार यादव, अवधनरायण, अजीत कुमार, जगदीश, संजय गौतम, पवन यादव, ओंकारनाथ, कपिल देव, शतीश कुमार, शंभूनाथ, प्रदीप कुमार, रामानंद सिंह, महताब अली, वारिस अली आदि शामिल रहे।