अंबेडकरनगर के जिला अस्पताल में स्थापित नहीं हो सका है कुपोषण का वार्ड।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई कायाकल्प योजना के तहत महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल समेत तीन सरकारी अस्पतालों का हुलिया बदला जाएगा। इसके लिए तीनों अस्पतालों का चयन कर लिया गया है। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी औराई और सीएचसी डीघ भी इस योजना के तहत चुने गए हैं।
इसके चलते सरकारी अस्पतालों में साफ सफाई के अलावा मरीजों, तीमारदारों के लिए व्यवस्था उत्तम की जाएगी। साफ सफाई के लिए टेंडर दिया जाएगा। उदासीनता बरतने पर एजेंसी के भुगतान में कटौती की जाएगी। बुधवार को कायाकल्प को लेकर सीएमओ कार्यालय में जिला अस्पताल, सीएचसी के प्रभारियों और चिकित्सकों समेत संबंधित को इसका प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. कायाकल्प संचालन के लिए जिले में डॉ. रोहित कुमार को कंसल्टेट क्वालिटी इंश्योरेंश्य इंचार्ज बनाया गया है।
सीएमओ डॉ. डीके सोनकर ने बताया कि जिले के दो चिकित्सक डॉ. अमर बहादुर, डॉ. मुकुल पांडेय प्रशिक्षित किए गए हैं, जो जिले के स्टॉफ को प्रशिक्षित कर रहे हैं। उन्हें कायाकल्प के कार्यों और सुविधाओं की जानकारी दे रहे हैं। बताया कि कायाकल्प का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों को सुविधा युक्त बनाना है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत अस्पतालों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य सुविधा में इजाफा करना है।