फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: सुरियावां आरओबी निर्माण को चढ़े तीन गार्डर, तीन दिन दो-दो घंटे का ब्लॉक

विज्ञापन
सुरियावां रेल फाटक पर बन रहा रेलवे ओवर ब्रिज। संवाद
विज्ञापन

विज्ञापन
निर्माणाधीन वाराणसी-मछलीशहर हाईवे 731बी के जनपद स्थित सुरियावां रेलवे क्रासिंग पर प्रस्तावित आरओबी का काम तेज हो गया है। रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए तीन गार्डर चढ़ा दिए गए हैं। तीन ब्लॉक के तीन गॉडर को स्थापित करने के लिए 16,920 नट-बोल्ट कसे जाने हैं। प्रोजेक्टर मैनेजर कृष्णमूर्ति के अनुसार सबकुछ ठीक रहा तो आगामी दो महीने में आरओबी से निर्बाध आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। वाराणसी-मछलीशहर का बहुप्रशिक्षित हाईवे 731बी का काम काफी तेज गति से चल रहा है। करीब 40 किमी के इस हाईवे का 25 किमी का दायरा भदोही जनपद से होकर गुजर रहा है। हाईवे का काम वाराणसी व जौनपुर डिवीजन के द्वारा किया जा रहा है।
जौनपुर डिवीजन में सुरियावां रेलवे क्रासिंग के पास आरओबी का काम बीते सात से आठ महीने से तकनीकी पेंच के कारण बाधित चल रहा था, लेकिन अब उसके निर्माण में तेजी आई है। रेलवे क्राॅसिंग पर तीन ब्लॉक में आरओबी का निर्माण कराया जाना है। जिसके लिए भारी भरकम गार्डर को चढ़ाए जाने का काम पूरा कर लिया गया है। जिसके बाद कार्यदायी संस्था अगले चरण में कार्य कर रही है। रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थित ब्लॉक में कुल 16,920 नट-बोल्ट कसे जाने हैं। इनमें से अब तक 2,920 नट-बोल्ट लगाए जा चुके हैं। वहीं अन्य को लेकर तेजी से काम चल रहा है। रेल प्रशासन से एनओसी मिलने के बाद आगे के तकनीकी और संरचनात्मक कार्य कराए जाएंगे। गौर करने वाली बात है कि तीनों गार्डर को चढ़ाए जाने में तीन दिन का समय लगा। जिसके बाद सबसे बड़ा कारण जंघई-वाराणसी रेलखंड से गुजरने वाले ट्रेनों को तीनों दिन दो-दो घंटे का ब्लॉकेज दिया गया। गार्डर चढ़ाए जाने के बाद नटों को कसा जा रहा है। इसके अलावा अन्य तकनीकी प्रशिक्षणों के उपरांत सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दो महीने के भीतर आरओबी से निर्बाध आवागमन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

अक्सर फाटक के पास लगता है जाम
इस रेलवे फाटक से करीब 20 से 25 लोगों का आवागमन होता है। जिनमें से करीब पांच से सात हजार लोग बाजार के लिए आते हैं। वहीं जौनपुर के सीमावर्ती गांवों के साथ-साथ वाराणसी, प्रयागराज और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में लोग इसी मार्ग का उपयोग कर जाते हैं। सुरियावां फाटक के पास अक्सर जाम की समस्या के कारण तमाम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार तो एबुलेंस इत्यादि भी फंस जाते हैं। आरओबी बन जाने के बाद इन सब समस्याओं से निजात मिलेगा।
विज्ञापन

वर्जन
आरओबी निर्माण के लिए तीन गार्डर चढ़ाए गए हैं। इन गार्डरों को कसा जा रहा है। नट इत्यादि कसे जाने के बाद आवश्यक परीक्षण के उपरांत आरओबी का संचालन कर दिया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो दो माह के भीतर आरओबी पर आवागमन आरंभ हो जाएगा। - प्रभाकर सिंह, प्रोजेक्ट इंजीनियर, एनएचएआई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें