कोतवाली पुलिस ने 12 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में मिर्जापुर निवासी एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि फर्म के दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। जीएसटी उपायुक्त कनक तिवारी की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जीएसटी उपायुक्त के अनुसार, मिर्जापुर के कटरा निवासी मनीष प्रजापति ने 18 जनवरी 2025 को आयरन एंड स्टील फर्म के लिए जीएसटी पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। पंजीकरण के दौरान उसने अपना स्थायी पता इंद्रप्रस्थ नगर, न्यू केशरी कॉलोनी, आदर्श नगर, अजमेर (राजस्थान) दर्ज कराया। जांच में पता चला कि फर्म के सत्यापन के लिए शुभम गुप्ता निवासी अजीमुल्ला चौराहा, भदोही के बिजली बिल का इस्तेमाल किया गया था। शुभम गुप्ता के जीएसटी नंबर की जांच करने पर सामने आया कि उनके नाम से एमके इंटरप्राइजेज नामक फर्म पंजीकृत है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह मनीष प्रजापति को नहीं जानते और न ही किसी को फर्म संचालन के लिए दस्तावेज दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बिजली बिल का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से जीएसटी पंजीकरण कराया गया। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि एमके इंटरप्राइजेज नाम की कोई सक्रिय फर्म संचालित नहीं हो रही है। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म बनाकर विभिन्न लेनदेन में करीब 12 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई। प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि जीएसटी विभाग की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।