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एक साथ जलीं तीन चिताएं, नम हो गईं आंखें

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औराई के दुर्गा पंडाल स्थल पर तैनात पुलिस के जवान। संवाद - फोटो : BHADOHI
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औराई। भीषण अग्निकांड में मृत बारीपुर की पूर्व प्रधान जयदेवी और उनके दो पोतों नवीन और हषर्वधन उर्फ सूजल का सोमवार की रात में अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक चिता पर दादी जबकि दूसरी चिता पर चचेरे भाईयों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मंगलवार की दोपहर बाद शिवपूजन यादव का भी भोगांव घाट पर अंतिम संस्कर किया गया।
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रविवार की रात औराई के दुर्गा पंडाल के अग्निकांड में पूर्व प्रधान रमापति की पत्नी एवं पूर्व प्रधान जय देवी, पोते नवीन, सूजल की झुलसने से मौत हो गई थी। सोमवार की देर रात स्थानीय भोगांव गंगा घाट पर दादी जय देवी की चिता के बगल ही एक चीता और सजाई गई। जिसमें नाती सूजल और नवीन का भी दाह संस्कार किया गया। दोनों नाती और पत्नी का दाह संस्कार जय देवी के पति रमापति ने किया। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गंगा घाट पर सूजल को लेकर लोग ज्यादा चिंतित रहे। उसके पिता अवधेश की मिर्जापुर जिले के पुर्जागिर में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। सूजल, अवधेश का इकलौता लड़का था। जिसकी पत्नी बॉबी आज भी वाराणसी के ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। बाल एकता क्लब दुर्गा पंडाल के आयोजक बच्चा के बड़े पिता शिवपूजन यादव का भी दाह संस्कार भोगांव घाट पर किया गया। उसी घाट पर जेठुपुर के दीपक सेठ लड़के अंकुश और सेऊर की आरती का भी दाह संस्कार किया गया।
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