औराई। नरथुआं पूजा पंडाल की घटना ने पुलिस और प्रशासन की तैयारियों की पोल पट्टी खोलकर रख दी है। थानों और कोतवाली में पंजीकृत पंडालों में 10 से 15 फीसदी की ही अनुमति ली गई, शेष पंडाल कैसे सज गए। पुलिस की लापरवाही की हर तरफ चर्चा है। ऐसे में पुलिस ही कैसे प्रकरण की जांच करेगी यह सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा है।
औराई के नरथुआं में रविवार की रात को हुए अग्निकांड में अब तक छह की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 70 का उपचार अलग-अलग अस्पतालों में हो रहा है। औराई तहसील के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल 85 पंडाल, रामलीला पंजीकृत हैं, लेकिन परमिशन सिर्फ 15 ने ही ली। 11 जगह होने वाली रामलीला में केवल पांच ने ही अनुमति ली है। इससे यह स्पष्ट है कि पुलिस और प्रशासन से बड़ी चूक हो गई है। बिना अनुमति के ही अधिकतर आयोजन हो रहे थे। कोतवाल गगन राज सिंह ने बताया कि अभी तक सभी पीड़ितों के उपचार में ही लगे हैं। जल्द ही दुर्गा पूजा पंडालों और रामलीलाओं को चिह्नित कर जांच की जाएगी।