ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। 10 दिनों से दो आर्थो और एक फिजिशियन के अवकाश पर जाने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। सबसे अधिक दिक्कत हड्डी के मरीजों को हो रही है।
एक मात्र चिकित्सक के रहने से ओपीडी संग प्लास्टर का काम भी देखना पड़ रहा है। इससे मरीजों को समय से उपचार नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
करीब दो से ढाई लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय पर है। यहां पर कुल 15 विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती है। इसमें से तीन डॉक्टर 15 दिन के अवकाश पर है। जिला अस्पताल में रोजाना नौ सौ से एक हजार की ओपीडी होती है। चकसुंदर गांव निवासी संतोष कुमार ने बताया कि दो दिन से वह हाथ की हड्डी टूटने की जांच कराने के लिए आए। प्लास्टर लगवाना है, लेकिन अभी तक समय नहीं मिला है। कसियापुर के संदीप कुमार ने बताया कि पैर में मोच आ गई है। आशंका है कि हड्डी टूटी है। अब तक इलाज नहीं मिला है।