ज्ञानपुर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी डॉ. अवनीश कुमार की अदालत ने एससीएसटी में तीन दोषियों को दो-दो साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। 2019 में सुरियावां के कुसौड़ा गांव में जमीन को लेकर हुए मारपीट के मामले में कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया। परिवादी राज बहादुर गौतम ने दो सितंबर 2019 को कोर्ट में वाद दाखिल किया। जिसमें बताया कि कुसौड़ा में उसकी भूमिधरी जमीन है। जिस पर सालों से उसका परिवार वहां फसलों की बुआई करता। चक्रधर दूबे के परिवार के लोग वहां काश्त करने पर लगातार विरोध करते। 20 अगस्त 2019 को सुबह आठ बजे वह ट्रैक्टर से खेत को जुतवा रहा था। उसी दौरान विपक्षी लाठी डंडे लेकर पहुंच गए।
ट्रैक्टर को रोककर परिवार के सदस्यों संग मारपीट किया। सभी को जातिसूचक शब्दों से गाली भी दिया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी नहीं दर्ज किया। कोर्ट के आदेश पर 17 फरवरी 2020 को पुलिस ने चक्रधर दूबे, हलधर दूबे, श्यामधर दूबे, धीरज दूबे के खिलाफ एससीएसटी समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपना तर्क प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने माना कि जातिसूचक शब्दों गाली देना अपराध की श्रेणी में है। कोर्ट ने चक्रधर, श्यामधर और धीरज निवासी कुसौड़ा को एससीएसटी में दो वर्ष कारावास और तीन हजार अर्थदंड लगाया, जबकि हलधर दूबे की मौत हो चुकी । मारपीट समेत अन्य धाराओं में मिलाकर कुल 16 हजार अर्थदंड दोषियों पर लगाया गया।