कलेजे के टुकड़ों को खो चुके परिवारों के घरों में सभी के आखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है। बच्चों की मौत से कैयरमऊ और मटियारी गांव में दूसरे दिन मंगलवार को सियापा छाया रहा। दोनों गांवों में गमगीन लोगों के घरों में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। महिलाओं के करूण रूद्रन से सभी की आंखों में आंसू आ जा रहे हैं।
सोमवार को कैयरमऊ गांव में स्कूली वैन और ट्रेन की टक्कर में आठ मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। कैयरमऊ और मटियारी गांव के बच्चों की मौत ने सभी को हिलाकर रख दिया है। दोनो गांव के सभी परिवार इस घटना को लेकर मर्माहत हैं। सात से 11 वर्ष के मासूम बच्चों की मौत ने पूरे गांव को ही सदमें में डाल दिया है। जिन परिवारों के चिराग बुझे हैं उन बच्चों की मां और दादी तो रोते-रोते बदहवास हो जा रही हैं। घटना के दूसरे दिन कैयरमऊ और मटियारी गांव में सियापा सा छाया है। गांव में पहुंच रहे लोगों को देख परिवार के सभी सदस्यों के करूण रूद्रन से लोगों की आंखे छलक जा रही हैं। दोनो गांव में ह्दय विदारक घटना को लेकर परिवार के लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। लोग कभी अपनी किस्मत तो कभी वाहन चालक को कोस रहे हैं।
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घटना में साजिश को लेकर सुगबुगाहट
औराई। कैयरमऊ गांव में सोमवार को हुए ट्रेन हादसे को लेकर अब दबी जुबान से साजिश की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। चर्चा है कि वाहन चालक हर रोज पटरी के उस पार के बच्चों को लेने के बाद इस तरफ खड़े बच्चों को वाहन में बिठाता था, लेकिन सोमवार को ट्रैक के पहले खड़े बच्चों को बिठाकर उस तरफ ले गया। जिसमें तीन बच्चों में दो की मौत हो गई।