कारगिल विजय दिवस पर मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में 48 लोगों ने रक्तदान किया। शिविर में कुल 84 लोगों ने पंजीकरण कराए, जिनमें से 76 रक्तदान के लिए फिट हुए। 28 पंजीकृत लोगों को भविष्य के लिए आरक्षित रखा गया है। जरूरत के वक्त भविष्य में कभी भी उन्हें बुलाया जा सकता है।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में मंगलवार को ठीक 10:15 बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके सोनकर ने फीता काटकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा का यह एक बेहतर माध्यम है। आपके छोटे से प्रयास से किसी की जान बचाई जा सकती है। इसके बाद रक्तदान के लिए आगे आए लोगों की भीड़ से समूचा बैंक परिसर भर गया। लोगों में रक्तदान को लेकर जबर्दस्त उत्साह था।
लायंस क्लब, एनसीसी कैडेट्स के अलावा प्रधान और शिक्षक संघ समेत तमाम लोग रक्तदान करने के लिए मौके पर पहुंच गए। रक्तदान करने के लिए महिलाएं और युवतियां भी पहुंच गईं। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने लोगों का रक्त परीक्षण कर ब्लड लेना शुरू किया।
रक्तदान के बाद शेष बचे पंजीकृत लोगों को भावी रक्तदाता के रूप में रिजर्व कर लिया गया। उन्हें जरूरत के समय रक्तदान के लिए बुलाया जा सकता है। रक्तदान करने वाले महादानियों को समाजसेवी मनोज अंबष्ट की ओर से जूस और नाश्ते आदि की व्यवस्था की गई। कारगिल की विजय पताका फहरने के दिन को यादगार बनाने के लिए हर वर्ग रक्तदान शिविर में उमड़ा नजर आया।
रक्तदान के दौरान कई दुर्लभ रक्तसमूह वाले दाता भी मिले, जिन्हें पंजीकृत कर ब्लड बैंक के चिकित्सक खुश थे। उनका कहना था कि इससे खून के अभाव में जान गंवाने वालों की जान बचाई जा सकती है। ऐसे लोगों के खून को रिजर्व रखा जाना चाहिए। रक्तदान के दौरान तीन बी निगेटिव, दो ओ निगेटिव और एक एबी निगेटिव जैसे दुर्लभ रक्त समूह के दाता मिले।
अंत में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक शुक्ला ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। लायंस क्लब के अध्यक्ष सुनील शर्मा और मनोज अंबष्ट ने भी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र दिए।