तीनों एसडीएम सहित सभी राजस्व विभाग के अधिकारी 10 से 20 गांवो का सर्वे कर फसल क्षति की रिपोर्ट तैयार किए। गेहूं की बालियां रगड़ने पर उसके बीज काले हो गए हैं।
प्रशासन इसे किसानों के लिए बड़ी आपदा मान रहा है।
ज्ञानपुर एसडीएम राजेंद प्रसाद शुक्रवार को जोरईं, चककलूटी, नंदापुर, रामकिशुनदास सहित नौ गांवो में पहुंचकर फसलों के क्षति का आकलन किया।
उन्होंने कहा कि गेहूं के खेतों के अलावा खलिहान में जाकर फसलों की स्थिति को देखा जा रहा है। ऊंज संवाददाता के अनुसार , कानूनगो रामअवध यादव
लेखपाल राजकुमार ने सीकी चौरा, बिछिया, बनकट, नवधन, कुरमैचा, सुधवैं, ऊंज, गोधना सहित 15 गांवो में जाकर फसल क्षति का आकलन किया।
चौरी संवाददाता के अनुसार, एसडीएम भदोही उमाकांत त्रिपाठी ने लठियां, संवरपुर, चकभूईधर, बरदहां, मानिकपुर सहित दर्जन भर गांवो में जाकर फसल नष्ट होने का आकलन किया।
उन्होंने खलिहान में रखी फसल को देखा जिसमें दीमक आदि लग गए हैं। कुछ बालियां तोड़कर बीज निकाला तो काले हो गए हैं। दानूपट्टी में नुकसान को देखते हुए कहा कि जिले में इस आपदा से किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
औराई संवाददाता के अनुसार एसडीएम औराई प्रेमनाथ ने कठारी, गोरीडीह, सहसेपुर, उगापुर, विट्ठलपुर, नुआवं सहित 10 गांव और तहसीलदार शिव प्रसाद पांडेय ने बाबूसराय, परानापुर, झौंवा, सारीपुर, गिर्दबड़गांव सहित दर्जन भर से अधिक गांवों में जाकर फसलों की क्षति का अवलोकन किया।