लठिया नहर में अब तक पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की समस्या बढ़ गई है। नहर के किनारे 800 एकड़ में गेहूं की खेती पर संकट का बादल मंडराने लगा है। गेहूं की सिंचाई को लेकर किसान चिंतित है, क्योंकि नहर में पानी न होने के कारण फसल प्रभावित होगी। तो उत्पादन पर इसका असर पडे़गा।
जिले में करीब 50 हजार हेक्टेयर रकबा में गेहूं की खेती होती है। इन दिनों गेहूं की फसल में बाल आनी शुरु हो गई है। ऐसे में फसलों को सबसे अहम जरूरत पानी की होती है, जो फसलों के लिए संजीवनी का काम करती है। समय से पानी न मिलने पर सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो सकती है। उत्पादन भी कम होगा। किसानों ने नहर विभाग से पानी छोड़ने की गुहार लगाई है। नहर के किनारे भाला, गिरिया, दत्तिपूर, बिगही, औसानपुर, कंदुई, लठिया, गोड़ापार, बरवा, सुरहन, अठगोड़वा आदि समेत करीब दो दर्जन गांव सटे है। इन गांव में अन्य गांव के किसानों के भी खेत है, पूरा खेत लगभग आठ सौ एकड़ में है। ज्ञानपुर पंप कैनाल से जुड़े नहर में पानी न होने से किसान परेशान है। किसान प्रमोद सिंह और जीत तिवारी ने बताया कि अब गेहूं के खेतों में पानी की जरूरत है, लेकिन नहर सुखी हुई है। किसानों ने नहर विभाग से पानी छोड़ने की मांग की है। एसडीओ आलोक रंजन बताया कि नहर में पानी छोड़ दिया गया है। एक से दो दिन में जिले के सभी नहरों में पानी पानी आ जाएगा ।