जलजमाव से जलालपुर, घमहांपुर, चकदिवानदान, छेड़ीबीर, पश्चिम तरफ, जल्लापुर नईबस्ती आदि मोहल्लों में जलजमाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अधिकारियों से प्रभावित मोहल्लों का दौराकर स्थिति का जायजा लिया।
चकदिवानगान मोहल्ले में जलभराव और घरों में पानी घुसने से लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। सोमवार की बारिश से पूरा क्षेत्र झील का रूप ले चुका है ।
चकदिवानगान में पानी घर में घुस जाने से रमाशंकर, राजकुमार, रामजी, राजकुमार पेंटर, भग्गू साइकल वाले घर छोड़ कर अन्यत्र चले गए हैं। जो लोग वहां हैं, उनका जीवन नारकीय हो गया है। लोगों ने जिला प्रशासन से पानी निकालने की व्यवस्था करने की मांग की है। मोहल्ले के भुल्लन हाशमी ने बताया कि अब थोड़ी बारिश और हुई तो आधा दर्जन और घरों में पानी घुस जाएगा। उन्होंने कहा कि कितनों की दूकानें बंद हो चुकी हैं। मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से जलभराव से निजात दिलाने की मांग की।
एसडीएम रामजी लाल और विधायक जाहिद बेग ने चौरी क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां महुआपुर, जमुआं, चौरी-ममहर मार्ग में जलजमाव का अवलोकन किया। उन्होंने भदोही गर्ल्स कालेज, फलाहे उम्मत गर्ल्स डिग्री कालेज और टेलीफोन एक्सचेंज के पास से गुजर रहे नाले का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इस पूरी समस्या की जड़ माने जा रहे रेलवे पुलिया का भी निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था के लोगों से काम शीघ्र निपटाने को कहा। फलाहे उम्मत गर्ल्स डिग्री कालेज में ईद की नमाज होती है। जिस प्रकार से मैदान में पानी लगा हुआ है उसे देखते हुए नमाज के आयोजक परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि पानी निकालने के प्रबंध किए जाने चाहिए। वे गर्ल्स स्कूल भी देखने गए, जहां जलभराव के चलते 22 जुलाई तक बंद कर दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि मूल समस्या रेलवे पुलिया निर्माण है। इसका काम खत्म होने के बाद नगर पालिका निकासी की व्यवस्था करा सकती है। उन्होंने बताया कि पुलिया बना रही संस्था का कहना है कि यदि बारिश रुके तो रविवार तक काम हो जाएगा।
इसी तरह जलजमाव से जलालपुर, घमहांपुर, चकदिवानदान, छेड़ीबीर, पश्चिम तरफ, जल्लापुर नईबस्ती आदि मोहल्लों में सड़कों पर पानी लग गया। स्टेशन रोड, मेनरोड तकिया कल्लन शाह, अहमदगंज में जलभराव की पुरानी समस्या है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। भारी संख्या में बच्चे साइकल से जलालपुर होते हुए ग्रीन व्यु पब्लिक स्कूल आते जाते हैं। जलालपुर में सड़क पानी में डूब गई है। महताब अंसारी, इम्तीयाज अंसारी, अकरम अली, बबलू अंसारी ने बताया कि यदि इस खतरे को नहीं भांपा गया तो खुले सीवर चैंबरों से बड़ा हादसा होगा तब प्रशासन जागेगा। लोगों ने बताया कि कई चैंबर खतरनाक हैं। इसको देखते हुए हम लोगों ने चैंबर में निशान लगा दिया है ताकि दुर्घटना न हो। बावजूद इसके दुर्घटना का डर बना हुआ है।