उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की विभिन्न कोर्स की बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार शासन का फरमान शिक्षा, अल्पसंख्यक महकमे के साथ छात्रों को भी हलाकान कर रहा है। एक माह में परीक्षा को लेकर जहां तीसरी बार केंद्रों में फेर बदल किया गया है, वहीं परीक्षा कार्यक्रम में भी तीसरी बार बदलाव किया गया है।
छह अप्रैल से शुरू हो रही मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल कोर्स की परीक्षा के लिए मदरसा बोर्ड की ओर से छात्रों का प्रवेश पत्र तक निर्गत नहीं किया गया है। इसके चलते मदरसों के शिक्षक से लेकर छात्र-छात्राओं में उहापोह का माहौल है। वे परीक्षा केंद्र, परीक्षा कार्यक्रम में बार-बार किए जा रहे बदलाव को लेकर शासन के फरमान को कोस रहे हैं। जिले में विभिन्न कोर्स के लिए कुल 3200 परीक्षार्थी पंजीकृत है, इसके लिए पांच केंद्रों का चयन किया गया है। इंटर कालेजों में परीक्षा कराने के फरमान से पूर्व जिले के मदरसों में केंद्र बनाने की संभावना थी। इसलिए अल्पसंख्यक विभाग की ओर से पांच मदरसों को परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
फरमान बदलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से पांच इंटर कालेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। अब दो दिन पूर्व फिर से परीक्षा केंद्रों में नए फरमान के तहत बदलाव कर दिया गया। परीक्षा के सह संयोजक प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि छह अप्रैल से शुरू हो रही मदरसा परीक्षा को लेकर शासन के दिशा निर्देशों के तहत तैयारी की जा रही है। परीक्षा केंद्रों को लेकर डीआईओएस की ओर से आंशिक संशोधन किया गया है।