िजले में पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बेजुबानों के कत्ल के कारोबार में खाकी की शह उजागर हुई है। पुलिस कप्तान ने हाईवे के तीनों थानों औराई, गोपीगंज और ऊंज के छह सिपाहियों को पुलिस तस्करी में संलिप्तता के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया है। इससे पुलिस महकमे में खलबली मची है।
जीटी रोड पर पशु तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। हर रोज 15 से 20 ट्रक पास कराए जाते हैं। इसमें पुलिस के कुछ लोगों के शामिल होने की आशंका पहले से ही व्यक्त की जा रही थी। कोडवर्ड के जरिए कुछ पुलिस कर्मी उच्चाधिकारियों की लोकेशन तस्करों तक पहुंचा देते और मौका पाकर तस्कर निकल लेते।
जीटी रोड के औराई, गोपीगंज और ऊंज थानों में तैनात सात सिपाहियों को पशु तस्करी में लिप्त होने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। पशु तस्करी के आरोप में लाइन हाजिर किए गए सिपाहियों में बनारसी यादव, नंदलाल यादव, राम समझावन यादव, कालेंद्र यादव, रामेंद्र यादव, महेंद्र यादव शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों को थानों से तैनाती हटाकर पुलिस लाइन से संबद्घ कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक डीपीएन पांडेय ने बताया कि गोपनीय जांच में इन सिपाहियों की पशु तस्करी में संलिप्तता पाई गई है।