दयनीय हालत में चौरी-महाराजगंज मार्ग ।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भले ही 15 जून तक सूबे की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान जारी कर दिया है, लेकिन जिले की सड़कों को सुधारने में विभागों को पसीना छूट जाएगा। पूर्ववर्ती सरकार के विकास के दावों को जिले की 20 से अधिक प्रमुख सड़कें आईना दिखा रही हैं। डेढ़ से दो दशक पूर्व बनी सड़कों की मरम्मत न होने से इन पर एक-एक फीट तक गड्ढा हो गया है।
किसी भी देश, प्रदेश, जिले के विकास में सड़कों की भूमिका अहम होती हैं। सड़कें सही होने से परिवहन से लेकर अन्य सुविधाएं बेहतर हो जाती हैं। सपा सरकार की ओर से पांच साल में सड़कों का जाल बिछाने का दावा किया गया लेकिन जिले के अलग-अलग हिस्सों में करीब 20 से अधिक प्रमुख सड़कें आज भी जस की तस हैं। इनमें चौरी-महराजगंज, सुरियावां-अभियां, सीतामढ़ी से धनतुलसी के अलावा औराई और भदोही क्षेत्र की कई सड़कें बेहद जर्जर हालत में हैं। ग्रामीण अंचलों में कई संपर्क मार्ग ध्वस्त हो चुके हैं। इससे लोगों को राह चलना दूभर हो जाता है। सूबे के मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। ऐसे में ढाई माह के अंदर आरईएस और लोक निर्माण विभाग को बदहाल सड़कों को सुधारने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
ऊंज संवाददाता के अनुसार, इलाके में जीटी रोड से कुरमैचा- चौराकला तक जाने वाली मार्ग मरम्मत न होने से ध्वस्त हो चुकी है। इससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। औराई संवाददाता के अनुसार, जीटी रोड से तहसील मुख्यालय तक जाने वाली मार्ग भी मरम्मत न होने से कई स्थानों पर टूट गई है, जबकि इसी से होकर प्रतिदिन एसडीएम समेत अन्य अधिकारी गुजरते हैं। इसी मार्ग पर राजकीय महिला महाविद्यालय से लेकर कई सरकारी कार्यालय हैं, लेकिन मार्ग को अब तक नहीं बनाया गया। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण राकेश कुमार ने कहा कि कई मार्गों की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार है। जल्द ही उसका लेपन होगा। अभियां-सुरियावां और ममहर-चौरी मार्ग पीएमजीएसवाई के तहत चयनित की गईं हैं। शासन के दिशा-निर्देश पर 15 जून तक काम पूर्ण कर लिया जाएगा।