भदोही। नगर स्थित भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर कर्मचारियों, मजदूरों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाए जाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में कर्मचारियों, मजदूरों, बुनकरों का संस्थान और समाज में अमूल्य योगदान को स्वीकार किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो.राजीव कुमार वार्ष्णेय ने कालीन उद्योग, विशेष रूप से कालीन नगरी भदोही के विकास में श्रमिकों, कारीगरों और मजदूरों, बुनकरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संस्थान के सुचारु रूप से संचालन में कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। इसके पूर्व डॉ. जयंत देश पांडेय ने श्रमिक दिवस की शुरूआत कैसे हुई, इसकी गरिमा पर प्रकाश डाला। संचालन अतुल पांडेय और गुंजन दुबे ने किया। समापन पर कर्मचारियों में मिठाई वितरित की गई। उधर नगर के चौरी रोड स्थित कांप्लेक्स में हिंद मजदूर किसान पंचायत (हिमकिप) के बैनर तले किसान मजदूर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। किसान नेता इंद्रदेव पाल ने आज के दिन महत्ता बताई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मो. हसनैन अंसारी ने कहा कि इस दिन को मनाने की नींव अमेरिका में रखी गई थी। सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मजदूरों की एकता से ही सरकार से अपनी बातें मनवा सकते हैं। गोष्ठी में रेहान नवाज़, चिंतामणि, छेदी गौरिया, इरफान, इमरान, इम्तियाज, जियाउर खान, तबिश, परवेज, सहल, ताजिम, जाफर आदि मौजूद रहे। अभोली ब्लॉक के जिला कार्यालय सदलूबीर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन की ओर से गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें उनके बच्चों को कॉपी, कलम सहित शैक्षिक सामग्री वितरित की गई। पूर्वांचल प्रभारी शालिग्राम यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को याद करते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान विजय यादव, रमेश यादव, मणिलाल, धर्मेंद्र, मीरा देवी, गौतम, दीपा आदि मौजूद रहे।