तीन दिनों तक स्थिर रहने के बाद गंगा का जलस्तर सोमवार की देर रात से फिर बढ़ना शुरू हो गया। जलस्तर बढ़ते ही छेछुआ- भुर्रा गांव में कटान तेज हो गई है। इसको लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर गत एक पखवारे से लगातार बढ़ रहा था। 12 अगस्त को अधिकतम 77.720 मीटर पहुंचने के बाद जलस्तर स्थिर हो गया था। इससे लोगों ने राहत की संास ली थी, लेकिन 15 अगस्त की रात करीब 12 बजे से जलस्तर फिर बढ़ने लगा।
सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक मंगलवार को शाम पांच बजे तक जलस्तर 77.100 मीटर तक पहुंच गया। 17 घंटे में जलस्तर में 65 सेमी तक की बढ़ोतरी से कटान तेज हो गई है।
तेजी से बढ़ते जलस्तर से छेछुआ-भुर्रा गांव में खेती की जमीन गंगा में समाने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उसी तरीके से बढ़ता रहा तो छेछुआ-भुर्रा के अलावा तटीय इलाकों के गांवों में लोगाें की परेशानी बढ़ जाएगी।