इससे फसल की पूरी पत्ती झुलस जाती है, जबकि मृदुरोमिल रोग में पुरानी पत्ती की ऊपरी सतह छोटे-छोटे धब्बे पड़ जाते हैं, जबकि नीचे सतह पर रोएंदार फंफूदी उग आती है।
इससे पूरी पत्ती पीली होकर सूख जाती है। उप निदेशक कृषि डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि दोनों रोगों के नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 75 प्रतिशत डब्लयूपी दो किलो प्रति हेक्टेयर में छिड़काव करें।
इसमें पानी की मात्रा आवश्यकतानुसार प्रयोग करने के लिए कहा।