ज्ञानपुर। जिले में सोमवार के बाद मंगलवार को भी झमाझम बारिश हुई। दिनभर रूक-रूक होती रही बारिश से गांव से लेकर शहरों तक जलभराव की समस्या हो गई। बारिश से हाईवे की सर्विस लेन और बाजारों में जलभराव हो गया। वहीं सुरियावां में 67 लाख से बनी नई सीसी सड़क व नाली पर घुटने तक पानी लग गया। वहीं भदोही नगर का स्टेशन रोड और ज्ञानपुर नगर का दुर्गागंज त्रिमुहानी पानी में डूब गया, जबकि यहां नाली निर्माण कर जलभराव से निजात का दावा किया जा रहा है।
कई जगहों पर तो लोगों के घरों व दुकानों में पानी प्रवेश करने लगा। मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे में कुल 26 एमएम बरसात हुई है।
गौर करने वाली बात है कि गांवों में नालियों में सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। जिले की 546 गांवों में हर साल नालों के निर्माण पर ही 54 करोड़ रुपये खर्च कर दिए जाते हैं।
मंगलवार की बारिश में मोढ़ के बाइपास से चकजुरानी यादव बस्ती से मकनपुर मार्ग पर पानी निकासी न होने के कारण तालाब जैसा नजर आया। अर्जुनपुर हरि करनपुर मार्ग पर सड़क पर पानी लग गया। कुछ लोगों के घरों में भी पानी प्रवेश कर गया। कस्तूरीपुर कशियापुर मार्ग पर घुटने के नीचे तक पानी लग गया। जंगीगंज-धनतुलसी रोड, चौरी, लालानगर, सीतामढ़ी, ऊंज, वहिदानगर, औराई, महराजगंज, बाबूसराय जैसे गांवों में सड़कें पानी से भरी रही। डीएम के आदेश पर भी नहीं बना नाला, डूबा बाजार : सुरियावां-पाली मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान मौजूदा बाजार में सड़क किनारे जलनिकासी के लिए नाला निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल था। नाला निर्माण शुरू कराने के लिए मजदूर मौके पर पहुंच गए थे और निर्माण सामग्री भी आ गई थी, लेकिन निर्माण नहीं हो सका।
मंगलवार की बारिश में गांव का पूरा मुख्य मार्ग बारिश में डूब गया। प्रधान राजमणि पांडेय ने बताया कि नाला निर्माण के लिए सामग्री आने के बाद मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था भी कराई गई थी, लेकिन अचानक निर्माण कार्य रोक दिया गया। बाद में निर्माण सामग्री वापस भेज दी गई और मजदूर भी लौट गए। इस डीएम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। बताया कि जिलाधिकारी शैलेष कुमार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता को नाला निर्माण कराने के निर्देश दिए, लेकिन लगभग एक माह बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
डेढ़ घंटे हुई बारिश, स्टेशन रोड पर जलभराव
भदोही। अच्छी बारिश से भले ही गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन बारिश ने समस्या भी बढ़ाई। बीती रात कुछ कुछ बारिश हुई। इसके बाद मंगलवार को सुबह भी बारिश होने के बाद दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। शाम चार बजे के बाद जो बारिश शुरू हुई तो डेढ़ घंटे तक अच्छी बारिश ने शहर के सभी मार्गों को जलमग्न कर दिया। बारिश से भदोही स्टेशन रोड मुल्ला तालाब से लेकर पश्चिम तरफ मस्जिद तक पानी लबालब भर गया। इसी मार्ग पर एक दर्जन से अधिक बैंक शाखाएं हैं। बैंक कर्मचारियों को भी पानी मे से होकर बाहर निकलना पड़ा। बारिश का पानी इतना बढ़ गया था कि कई बाइक बंद हो जाने से लोगों को खीच कर बाहर निकालना पड़ा। बाजार सलाबत खां, पीरखांपुर, मशाल टाकीज रोड, काजियाना रोड, नूरखांपुर, मलिकाना, पचभैया, जमुंद, जानू शहीद रोड आदि मोहल्लों में भी जलभराव से लोगों की मुश्किल बढ़ गई। संवाद
तहसील जाने वाले मार्ग पर जलभराव
औराई। क्षेत्र में मंगलवार को 10 मिनट की तेज बारिश से हाईवे का दक्षिणी सर्विस लेन और तहसील जाने वाले मार्ग पर पूरी तरह पानी भर गया। यह समस्या विगत कई वर्षों से है, लेकिन न तो इस पर स्थानीय शासन-प्रशासन ही ध्यान दे रहा है और न ही कोई प्रतिनिधि। तेज बारिश होने के बाद नाले का गंदा पानी किसानों को खेतों में भी लग जाता है। जिससे फसलों को भी नुकसान होता है।
सुरियावां में बनाई गई नई सड़क पर जलभराव
सुरियावां। नगर के अटल चौराहा से गल्लामंडी तक मार्ग के जलभराव की समस्या 67 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं सुधर सकी। करीब एक साल पहले लोक निर्माण विभाग ने यहां सीसी रोड व नाली निर्माण कराया, लेकिन मंगलवार की सुबह 15 मिनट की बारिश के बाद पूरा मार्ग पानी से लबालब भर गया। जिससे सीसी रोड व नाली निर्माण की उपयोगिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
नगर पंचायत के वार्ड इंदिरा नगर और शास्त्री नगर के मध्य अटल चौराहा से गल्लामंडी होते हुए 400 मीटर मार्ग हर साल बारिश के सीजन में डूब जाता था। सालों से चली आ रही इस समस्या को लेकर बीते साल 67 लाख रुपये से लोक निर्माण विभाग की ओर से 400 मीटर आरसीसी रोड व नाली निर्माण कराया गया। इसमें आरसीसी रोड का काम पूरा हो चुका है। अधिशासी अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि नाली से लिंक करने और जल निकासी की समस्या शीघ्र दूर हो जाएगी। वहीं नाली का काम भी 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। इसके बाद भी मंगलवार को सुरियावां में 15 मिनट हुई बारिश में आरसीसी रोड पानी से लबालब भर गया। इससे व्यापारियों, किसानों और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। अधिशासी अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि नाली से लिंक करने और जल निकासी की समस्या शीघ्र दूर हो जाएगी। नाली की सफाई अस्सी प्रतिशत नगर में हो चुकी है, जो बाकी है। उसे भी जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। एक से दो दिन बारिश के किसान खेतों में बेहन भी डालना शुरू कर सकते हैं। मंगलवार को 24 घंटे में 26 एमएम बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। - डॉ. अजीत चतुर्वेदी, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां।