ज्ञानपुर/गोपीगंज। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार रात और बुधवार सुबह भदोही और गोपीगंज सीएचसी का निरीक्षण किया। भदोही सीएचसी में निरीक्षण के दौरान एक स्टॉफ नर्स के साथी नर्स की हाजिरी लगाने का मामला सामने आने के बाद सीएमओ ने दोनों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। गोपीगंज सीएचसी पर पहुंचीं सीएमओ ने प्रभारी अधीक्षक समेत अन्य स्टॉफ को कड़ी फटकार लगाई। कहा कम से कम भगवान से डरो।
सीएमओ मंगलवार रात 11.45 बजे भदोही सीएचसी पहुंचीं। प्रसव कक्ष में स्टॉफ नर्स मुनक्का देवी मरीज को खड़ा कर लापरवाहीपूर्वक विगो लगा रही थी। नवीन केस शीट पांच अक्तूबर को बाद नहीं भरी गई थी। शेरवां कौलापुर निवासी काजल पत्नी नंदलाल के प्रसव के बाद उसके मुंह में पानी चला गया था। इससे उसे राजकीय चिकित्सालय न रेफर कर निजी अस्पताल में रेफर किया गया था। पता चला कि उपस्थिति पंजिका पर स्टाफ नर्स मुन्नी देवी का हस्ताक्षर मुनक्का देवी बना रही है। इसके बाद सीएमओ ने दोनों नर्सों का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया।
बुधवार को गोपीगंज सीएचसी पहुंचीं सीएमओ ने बाहर से दवा लिखने और दो दिन पहले पेड़ काटते समय वनवासी की गिरकर हुई मौत के मामले में पुलिस को मेमो न भेजने पर प्रभारी सीएमएस की क्लास लगाई। कहा कि कम से कम भगवान से डरो। दोपहर लगभग एक बजे सीएचसी पहुंचीं सीएमओ ने ओपीडी, प्रसूता गृह, औषधालय, वार्ड, उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया। मरीजों ने सीएमओ को बताया कि बाहर की दवाइयां लिखीं जाती हैं। अल्ट्रासाउंड, ए-क्सरे, ब्लड जांच भी बाहर से कराने को कहा जाता है। सीएमओ ने मरीजों की पर्ची को उलट कर देखी तो शिकायत सही मिली। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस यादव सहित चिकित्सकों को फटकार लगाई। केंद्र पर उपलब्ध दवाओं को फार्मासिस्ट की ओर से वितरित नहीं करने पर कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार न लाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।