ज्ञानपुर। सावन माह में एक महीने तक बंद रहा वाराणसी-प्रयागराज हाईवे का कांवड़ियां लेन मंगलवार से खोल दिया गया। कांवड़ियां लेन खुलने के बाद दोनों लेन से वाहन चलने लगे। एक महीने तक आरक्षित रहे कांवड़ियां लेन पर कुल दो लाख 80 हजार कांवड़ियां काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए। दूसरे और तीसरे सोमवार के बीच सबसे अधिक कांवड़ियों की कतार दिखी। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव होने के कारण हादसे भी हुए। रक्षाबंधन के कारण सावन के तीन दिन पहले ही कांवड़ियां लेन को खोल दिया गया।
इस साल सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से हुई थी और 28 अगस्त को पूर्णिमा के साथ सावन का समापन हो रहा है। इस बीच सावन समाप्त होने से तीन दिन पहले ही प्रशासन की ओर से हाईवे के उत्तरी लेन को खोलने का फैसला लिया गया। रक्षाबंधन पर वाहनों का आवागमन सुचारू हो सके। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से फैसला लिया गया है। हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीटी बॉर्डर से बाबूसराय तक लगभग 42 किलोमीटर की उत्तरी लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया जाता है। इस बीच सामान्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहता है। इस साल भी कांवड़ यात्रा को लेकर आरक्षित कांवड़ लेन के की सुरक्षा को लेकर पूरे मार्ग को चार जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया था।
वहीं नौ जोनल मजिस्ट्रेट, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, छह जोनल पुलिस अधिकारी, आठ सब-जोनल पुलिस अधिकारी और 20 सेक्टर पुलिस अधिकारियों की तैनाती थी। ऊंज और बाबूसराय जैसी प्रवेश सीमाओं पर विशेष नजर रखी जा रही थी। यातायात व एनएचएआई की टीम मंगलवार की रात से ही हाईवे के उत्तरी लेन पर जगह-जगह लगे बोल्डरों को हटा दिया गया। जिससे यातायात सुचारू हो सके।
गुलजार हुए उत्तरी लेन के पेट्रोल पंप और ढाबे
सावन के महीने में एक माह तक आरक्षित रहे उत्तरी लेन के कारण कांवड़ियां लेन की तरफ वाले ढाबे और पेट्रोल टंकियों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। उत्तरी लेन पर करीब 11 ढाबे और नौ पेट्रोल टंकियां थीं। कांवड़ियां लेन होने के कारण इन पर सन्नाटा था, लेकिन अब यह गुलजार हो गए हैं।
हर दिन गुजरते हैं औसतन नौ हजार वाहन
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे सबसे व्यस्ततम हाईवे में से एक हैं। इस हाईवे से छोटे-बड़े मिलाकर कुल नौ हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। जिसमें करीब 40 फीसदी चार पहिया वाहन होते हैं। इसके अलावा 60 फीसदी बड़े वाहन होते हैं। जिसमें ट्रेलर, ट्रक और डंपर शामिल हैं। एक माह तक कांवड़ियां लेन आरक्षित होने से दक्षिणी लेन पर ही वाहनों का दबाव था।
एक महीने तक यह रखी गई थीं व्यवस्थाएं
पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही थी। वहीं दो प्लाटून पीएसी, फ्लड कंपनी की डेढ़ सेक्शन, 10 चार पहिया और तीन दो पहिया पीआरबी सहित कुल 628 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं हाईवे सभी निजी व सरकारी अस्पताल अलर्ट मोड में रहे।
सोमवार के पहले हाईवे गए कांवड़ियों की संख्या
प्रथम सोमवार - 5889
दूसरा सोमवार - 1.25 लाख
तीसरा सोमवार - 1.10 लाख
चौथा सोमवार - 4569
नोट - आंकड़ा सोमवार से तीन दिन पहले गए कांवड़ियों को लेकर है।
आगामी रक्षाबंधन पर्व और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हाईवे के उत्तरी लेन से आवागमन बहाल कर दिया गया है। इस बीच अगर कोई कांवड़िये आते हैं तो उसे उत्तरी लेन के सर्विसलेन से चलाया जाएगा। पूरे सावन में काफी अच्छे तरीके से व्यवस्थाओं का संचालन हुआ। जिससे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। - अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक।