ज्ञानपुर नगर में शीतल पाल के प्रतिमा के उपर लगा होर्डिंग बैनर। संवाद
जिले में अवैध होर्डिंग को लेकर आखिरी बार अभियान लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद चलाया गया था। हर बार केवल चुनाव आने पर ही अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान चलाए जाते हैं।
इसके पहले बिजली के खंभे, चौराहे, तिराहे के अलावा फ्लाईओवर की दीवारों पर होर्डिंग लगे रहते हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं जाती। चुनाव आने पर ही जिम्मेदारों को होर्डिंग हटाने की याद आती है।
जिले में होर्डिंग का कारोबार प्राइवेट ठेकेदार संभाले हुए हैं। गोपीगंज को छोड़कर किसी भी निकायों में कोई नियमावली न होने से इसका फायदा प्राइवेट ठेकेदार उठाते हैं।
जिले में भदोही और गोपीगंज में सबसे अधिक होर्डिंग है। इसके अलावा ज्ञानपुर, सुरियावां और घोसिया, नईबाजार, खमरिया जैसे इलाकों में भी जगह-जगह होर्डिंग लगे हुए हैं।
जिले भर में 100 से 150 बड़े साइज के होर्डिंग और करीब पांच हजार छोटे होर्डिंग लगे हुए हैं। पुलिस बूथ के ऊपर, सामुदायिक शौचालयों की दीवारों के साथ-साथ फ्लाईओवर की दीवारों पर होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगे हुए हैं। गोपीगंज नगर पालिका में आठ जगह होर्डिंग के लिए चिह्नित है। लेकिन इसके उलट करीब 20 से 25 जगहों पर होर्डिंग लगाए गए हैं।