अल्पसंख्यक विभाग से टर्म लोन लेकर वर्षों से गायब चल रहे 10 बड़े बकायेदरों का नाम जिले की तीनों तहसीलों में अंकित किया जाएगा। निर्धारित समय में ऋण की अदायगी न करने पर कुर्की की कार्रवाई होगी।
निदेशालय से सूची आने के बाद विभाग अब तहसील, ब्लाॅक, बैंक समेत प्रमुख स्थानों पर सूची अंकित करने में जुट गया है। इसको लेकर पूर्व में 330 बकायेदारों को नोटिस भेजा जा चुका है।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी रमेशचंद्र ने बताया कि 330 बकायेदार वर्ष 1996 से 2007 के बीच पांच करोड़ 91 लाख से ज्यादा ऋण लेकर गायब हो गए हैं। मोबाइल से नंबर ट्रैस कर स्थाई पता खोज कर ली गई है। अब निदेशालय से मिली रिपोर्ट के आधार पर दस बड़े बकायेदारों का नाम सार्वजिक स्थलों पर अंकित किया जाएगा। 330 ऐसे बकायेदार हैं जो वर्ष 1996 से 2007 के बीच टर्म लोन लिए थे, तभी से गायब चल रहे हैं। विभागीय स्तर से कई बार नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन ऋण जमा नहीं हो रहा है।
इन बकायेदारों का मोबाइल नंबर से पता का सत्यापन हो चुका है। करंट लोकेशन से ऋण लेने वालों की पहचान हो गई है। लोन लेने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बताया कि जो लोन लेने वाले बकायेदार खत्म हो गए हैं, उनका ऋण गारंटर भरेंगे। पूर्व में कुल 330 लोगों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है।
अल्पसंख्यक विभाग से 330 लोगों ने लघु व्यापार के लिए वर्ष 1996 से 2007 तक टर्म लोन उठाए। पोलंबर शाप, टी स्टाल, रेलिंग शाप, इलेक्ट्रानिक दुकान, सेंवई बनाने और टेंट हाउस आदि व्यापार के लिए लोन उठाए थे। पांच करोड़ से ज्यादा धनराशि लोन के रूप में 330 लोग उठाए थे।