ज्ञानपुर। जिले भर में बृहस्पतिवार को परंपरागत तरीके से करवाचौथ का पर्व मनाया गया। व्रतियों ने शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय देखकर पिया का दीदार किया। अर्नब चक्रवात के बीच चंद्रमा बादलों में छिपा रहा।
जिससे चंद्रमा का दीदार कर अपने पति का दीदार करने की तमन्ना मन में ही रह गई, लेकिन व्रतियों ने मुहूर्त और चंद्रोदय के समय को देखकर अपने चंद्रमा का दीदार किया और पति के हाथों पानी पीकर व्रत का पारण किया।
सुहागिन महिलाओं ने छलनी से चंद्रमा का दीदार कर अखंड सुहाग की कामना की। शाम से ही महिलाएं सोलह शृंगार कर पूजा-अर्चन में मशगूल रहीं। इस बीच चंद्रमा बादलों की ओट में छिपा रहा।
करवाचौथ की तैयारी में महिलाएं एक सप्ताह पहले से ही तैयारी में लगी रही। घरों की छतों और आंगन में थाली, करवा और दिया लेकर महिलाओं ने चंद्रमा का बेसब्री से इंतजार किया। चंद्रमा दिखते ही महिलाओं ने पहले चंद्रमा को अर्घ्य दिया, फिर छलनी से अपने पति का मुखड़ा निहारती रही। पति ने पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण करवाया।
भदोही, ज्ञानपुर, गोपीगंज, जंगीगंज, सुरियावां सहित नई बाजार, जमुनीपुर कॉलोनी के मां कात्यायनी मंदिर में करवाचौथ के मौके पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से मंदिर में पूजन-अर्चन किया। आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि रोजाना चंद्रमा 7.30 बजे चंद्रमा निकलते हैं, लेकिन करवाचौथ के दिन चंद्रमा आठ बजे निकले।
जमुनीपुर कॉलोनी मां कात्यायनी मंदिर में करवा चौथ का पूजन करती महिलाएं। संवाद- फोटो : ARchive
जमुनीपुर कॉलोनी मां कात्यायनी मंदिर में करवा चौथ का पूजन करती महिलाएं। संवाद- फोटो : ARchive