ज्ञानपुर। उत्तर पश्चिम क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर अब जनपद में साफ तौर पर दिखने लगा है। रविवार दोपहर बाद पछुआ हवा गतिमान होने से अचानक से मौसम का मिजाज बदला है। इससे कारण बूंदाबांदी हुई। जिससे ठिठुरन बढ़ गई। बिस्तर में लोग दुबके रहे, लेकिन फिर भी कंपकंपी नहीं छूट रही थी। वहीं मौसम विभाग ने अनुमान कि आगामी दो दिनों तक मौसम का रुख ऐसा ही रहेगा। चमक गरज के साथ बारिश होने की अंदेशा व्यक्त किया है।
जिले में बीते चार दिनों से धूप खिल रही थी। इससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली थी। रविवार प्रात:काल ही धूप खिला। अवकाश का दिन होने के कारण लोग घर की छतों पर धूप का आनंद ले रहे थे, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा। धीरे-धीरे आसमान में काले बादलों का जमघट होने लगा। 3.20 बजे के बाद बूंदाबांदी शुरु हुई। शाम छह बजे तक यह रिमझिम बारिश का क्रम बना रहा। मौसम का मिजाज देखकर लोग घरों से बाहर निकला मुनासिब नहीं समझे। विभिन्न बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहक के इंतजार में बैठे रहे। हालांकि बारिश होने से ठंड में वृद्धि हुई है, लोगों की परेशानी बढ़ गई है। चिकित्सकों का मानना है कि मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ना तय है। ऐसे में सेहत को लेकर सावधानियां जरूरी है। जिला चिकित्सालय के डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि गर्म भोजन करें। गुनगुना पानी पिये, गर्म कपड़े पहने साथ ही कान जरूर बांध कर रखे। बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकले।
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गरज चमक के साथ होंगी बूंदाबांदी :
ज्ञानपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि रविवार को दिन का तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। रात का तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस रहा। 16 किमी के रफ्तार से पुरवा हवा चल रहा था, लेकिन हवा की दिशा में बदलाव होने के बाद मौसम बदला है। सोमवार को भी बारिश होने का अंदेशा व्यक्त किया है।
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खेती किसानी के दृष्टिगत से फायदेमंद है मौसम:
ज्ञानपुर। बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि आलू की फसल को छोड़ कर यह मौसम अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है। यदि तेज बारिश हुई तो आलू को नुकसान हो सकता है। हल्की बूंदाबांदी हुई है, इससे किसी तरह का किसानों को नुकसान नहीं होगा। खासकर गेंहू की फसल के लिए यह मौसम लाभदायक है।