शनिवार को लू के थपेड़ों ने बदन झुलसा कर रख दिया। गर्मी के चलते बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को जिला अस्पताल से लेकर ओपीडी तक लोगों की लंबी लाइन लगी रही।
करीब डेढ़ माह से कहर बरपा रही गर्मी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे मई का महीना समाप्ति की ओर जा रहा है वैसे-वैसे गर्मी भी बढ़ रही है।
शनिवार को सुबह से ही सूर्य की तीखी किरणें लोगों को झुलसाने लगीं। दोपहर बाद तो सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। गर्मी और लू के चलते लोग घरों में कैद रहना ही बेहतर समझे।
शाम चार बजे के बाद बाजारों में रौनक फिर बढ़ी। लू के थपेड़े इतने तेज थे कि बाइक पर चलने वाले लोग शरीर के खुले हिस्से को ढकते नजर आए। चेहरे आदि को पहले से ढकने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है।
घरों में पंखे भी लू के संवाहक बन गए हैं। गर्मी और उमस के चलते अस्पताल में डायरिया, उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। शनिवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में तीन सौ से अधिक पर्चियां कटीं।