प्रयाग से पधारे कथा वाचक शांतनु जी महाराज ने रविवार को भगवान शिव पार्वती के प्रेम और प्रभु श्रीराम के रामावतार प्रसंग को सुनाया।
उन्होंने रामजन्म पर बोलते हुए कहा कि रावण के अत्याचार से जब तीनों लोग त्राहि-त्राहि करने लगा तो प्रभु को अवतरित होना पड़ा। पृथ्वी पर जब-जब अधर्म बढ़ा प्रभु अवतरित होकर धर्म की रक्षा की। कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में काम, क्रोध और लोभ होता है।
व्यक्ति इसे संतुलित कर ले तो वह प्रभु को प्राप्त कर लेगा। इस मौके पर स्वामी करूणाशंकर दास, महाबीर यादव, दिनेश पांडेय, शिव कुमार, बालमुकुंद, राज नारायण, दूधनाथ, प्रभुनाथ समेत कई लोग मौजूद रहे।