चौरी के रोटहां में निजी अस्पताल की जांच करते नोडल डॉ. आरबी पाठक एवं अन्य। स्रोत विभाग
चौरी। थानाक्षेत्र के वेदमनपुर में इंटरमीडिएट के छात्र पिंटू धीवर की मौत मामले में चौरी के बालाजी अस्पताल के संचालक समेत दो को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया। इसके पूर्व सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. आरबी पाठक ने अस्पताल की जांच किया। दो जून की रात में बदहवासी की हालत में वेदमनपुर रोटहा के पिंटु धीवर को परिजनों ने पास के बालाजी चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां पर 24 घंटे रखने के बाद उसे अन्यत्र रेफर किया गया। इस दौरान अस्पताल की तरफ से उपचार में लापरवाही बरती गई। सुविधाएं न होने के बाद भी घायल को अस्पताल में रखा गया।
पैर में चोट न लगने के बाद भी प्लास्टर आदि लगाया गया। हालत खराब होने पर उसे रेफर किया गया। जहां रास्ते में ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पिंटू की मौत को लेकर अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे थे। आरोप लगे थे कि बोर्ड पैथाेलाॅजी सेंटर का लगा कर पुलिस से जुड़े केस का उपचार किया गया। वहीं दूसरी ओर शनिवार शाम को निजी अस्पताल के कर्मचारी इरफान मंसूरी निवासी कोल्हण और बालाजी क्लीनिक के संचालक आशीष मौर्य निवासी चौरीखास को चौरी के हनुमान मंदिर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने घायल छात्र का लापरवाहीपूर्वक उपचार किया गया, जिसके फलस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई।
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सीएमओ ने जांच का निर्देश दिया था। नोडल अधिकारी ड़ॉ. आरबी पाठक ने पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल की जांच किया। उन्होंने बताया कि जाच रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंप दी गई है। कई कमियां यहां पर पाई गई है।