जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। सांसद रमेश चंद बिंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विकास कार्यों, योजनाओं पर चर्चा की गई। पशु आश्रयस्थलों की दुर्दशा, आरईएस में अनियमितता का मामला छाया रहा। सांसद ने सभी अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव, शिकायत, सुझाव को प्राथमिकता पर रखें। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा भी की गई।
27 अक्तूबर 2021 को दिशा की पिछली बैठक में हुई चर्चा पर भी संक्षेप में चर्चा हुई। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि मनरेगा के तहत बहुत से लोगों को रोजगार मिला। ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम आवास योजना पर भी चर्चा हुई। सांसद और विधायकों ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता पर अनियमितता एवं लापरवाही का आरोप लगाते हुए कराए गए कार्यों से संबंधित पत्र, फाइल प्रस्तुत करने के लिए कहा। राष्ट्रीय भू रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 1264 गांवों का मैप डिजिटाइजेशन हुआ है तथा 72 गांव जीर्ण शीर्ण के कारण अनुपलब्ध है, बताया गया। जनप्रतिनिधियों ने घोसिया, खमरिया, माधो सिंह में अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों से कहा। गोपीगंज में लटकते तारों केे ठीक कराने की भी चर्चा हुई। डीएम आर्यका अखौरी ने सभी जनप्रतिनिधियों ने एक-एक विद्यालय गोद लेने का अनुरोध किया। उज्ज्वला योजना में अपात्रों को गैस कनेक्शन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। उसमें अपात्रों का नाम काटकर पात्रों को देने के लिए कहा गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर, भदोही विधायक जाहिद बेग, सीडीओ भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।