डेढ़ घंटे से अधिक समय तक एक-एक भवन की बारीकियों से जांच की।
80 फीसदी तक तैयार हो चुके कोर्ट कक्षों की लंबाई-चौड़ाई की नापजोख कराई। कुछ स्थानों पर टाइल्स तिरछी होने पर नाराजगी जताई।
मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे हाईकोर्ट के जज जितेंद्र कुमार सिंह, जिला जज ओम प्रकाश अग्रवाल निर्माणाधीन न्यायालय का अवलोकन करने पहुंचे।
न्यायिक अधिकारियों के पहुंचते ही कार्यदायी संस्था के अफसरों और ठेकेदारों में खलबली मच गई। न्यायिक अधिकारी ने एक तरफ से बन रहे भवनों का अवलोकन किया और नापजोख कराई।
कार्यदायी संस्था के अफसरों से काम में तेजी लाने के लिए निर्देश दिया। न्यायिक अधिकारी के पूछने पर कार्यदायी संस्था के अफसरों ने बताया कि जनवरी 2016 तक सात ब्लाक तैयार हो जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर फर्श के टाइल्स सही स्थिति में नहीं लगे थे जिसको लेकर अफसरों को सही कराने को निर्देश दिया।
इस मौके पर उ. प्र. राजकीय निर्माण निगम के राजेश राय, एके श्रीवास्तव, एआर मिश्रा के अलावा डिबाए के अध्यक्ष सुधाकर पांडेय, सुशील चौबे, कोतवाल ज्ञानपुर प्रमोद त्रिपाठी मौजूद रहे।
मालूम हो कि 36.82 करोड़ की लागत से बन रहे जिला न्यायालय के भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम करा रही है। कार्यदायी संस्था का कामकाज देख रहे अजय शर्मा ने बताया कि 24 जुलाई 2013 से निर्माण शुरू कराया गया है।