उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए माहौल अनुकूल बनाने के लिए अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा), कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) और विदेश व्यापार महानिदेशालय मिल कर काम करेंगे। निर्यातकों की वर्षों से लंबित सेवाकर के मामले सुलझाने का आश्वासन दिया।
अपर महानिदेशक विदेश व्यापार शनिवार को एकमा के कालीन भवन में कालीन उद्योग चुनौतियां और अवसर विषयक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
अपर महानिदेशक ने कहा कि सरकार चाहती है कि उद्यमियों को कार्यालयों के चक्कर न लगानी पड़े। इसके लिए नई नीति में आनलाइन कार्य करने पर जोर देते हुए उसे तेजी से लागू भी किया जा रहा है। इससे लोग घर बैठे न केवल विभिन्न कागजात प्राप्त कर सकेंगे बल्कि योजनाओं का लाभ भी उठा पाएंगे। कहा कि अब तक भदोही को टाउन आफ एक्सेलेंस के रूप में नहीं देखा गया जिसे अब देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्यातकों को पूर्व में मिलने वाला इंट्रेस्ट सबवेंशन शीघ्र ही बहाल हो जाएगा। हालांकि यह सलाह भी दी लोग सब्सिडी के बारे में न सोच कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का प्रयास करें। कालीन निर्यातकों के सेवाकर संबंधी मामले पर कहा कि उसे हम सहानूभूतिपूर्वक देखेंगे। निर्यातकों के सामने आने वाली अड़चनों को दूर करने के प्रति हम संकल्पित हैं। आवश्यकता है कि वे हमसे अपनी समस्याएं शेयर करें।
इसके पूर्व सीईपीसी चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने बताया कि किस प्रकार से उद्यमियों ने वर्ष 1947 में तीन करोड़ के निर्यात को आज सात सौ करोड़ तक पहुंचाया है। कहा सरकार हम लोगों पर भले ध्यान न दे लेकिन उद्योग में लगे 25 लाख मजदूरों का ख्याल करे जिनकी रोजी रोटी यही है। एकमाध्यक्ष विनय कपूर ने कहा कि आज विश्व बाजार मे बढ़ती प्रतिस्पर्धा में हमें सरकार के सहारे की जरूरत है। लेकिन अफसोस है कि धीरे धीरे सहूलियतें खत्म की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि टर्की द्वारा एकाएक ड्यूटी बढ़ा दिए जाने से हमारा व्यापक नुकसान हुआ है लेकिन सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री कौशल विकास की बात कर रहे हैं लेकिन हम लोग तो 150 वर्ष से कौशल विकास कर रहे हैं।
संचालन उपमहानिदेशक, डीजीएफटी, अमित कुमार ने किया। संयुक्त महानिदेशक अमिय चंद्र, सीईपीसी उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल रब अंसारी, एकमा मानद सचिव, तनवीर हुसैन, अपर आयुक्त उद्योग उप्र एके कदम ने भी संबोधित किया। मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में अधिशासी निदेशक सीईपीसी एसके गुप्ता, हाजी जलील अंसारी, एसी बरनवाल, भरत लाल मौर्य, हाजी फिरोज वजीरी, अनिल सिंह, उमेश गुप्ता, हाजी नसरुल्लाह अंसारी, ओएन मिश्र बच्चा, शमीम अंसारी, जेपी गुप्ता, शिवसागर तिवारी, हाजी अब्दुल सत्तार, एचएन मौर्य, हाजी राशीद अंसारी, इस्तियाक खां, अशफ़ाक़ अंसारी, पियूष बरनवाल, हाजी अब्दुल हादी, दिपक कुमार, रामचंद्र यादव, मिथिलेश कुमार, वीके सिन्हा, एसके सिनहा आदि मौजूद रहे।