सात फरवरी को ही लग सका सड़क निर्माण के शिलान्यास का बोर्ड। संवाद
। मिनी डालर नगरी खमरिया को जोड़ने वाली सड़क का काम शिलान्यास होने के एक माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है।
बीते सात फरवरी को यहां सड़क निर्माण के शिलान्यास का बोर्ड लगा दिया गया। बोर्ड लगे करीब एक महीना बीत चुका है।
अभी तक माैके पर सड़क निर्माण की सामग्री भी नहीं पहुंची है। 10.11 करोड़ की लागत से बनने वाली छह किमी सड़क के लिए साढ़े तीन करोड़ की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण खमरिया आने वाले लोगों को परेशानी होती है।
खमरिया नगर को मिनी कालीन नगरी के नाम से जाना जाता है। भदोही के बाद सबसे अधिक कालीन निर्यातक खमरिया नगर में रहते हैं। यहां तमाम निर्यातक ऐसे हैं। जिनके यहां आए दिन विदेशी खरीदारों का आना-जाना लगा रहता है।
इस नगर को जोड़ने वाली माधोसिंह-खमरिया सड़क की हालत खस्ताहाल है। छह किमी की सड़क पर 200 से 250 से अधिक बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
बीते साल 10 अक्तूबर को इस सड़क के नवीनीकरण के लिए 10.11 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति मिली थी।
इसमें प्रथम किस्त के रूप में लगभग साढे तीन करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए। इसके बाद भी माैके पर सड़क निर्माण के लिए मेटेरियल भी नहीं गिराए गए हैं।