ज्ञानपुर। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को घरों और मंदिरों से लेकर देवी मंदिरों तक देवी के स्कंदमाता स्वरूप का पूजन किया गया। मां के चरणों में शीश नवा कर भक्तों ने परिवार के सुख-समृद्ध की कामना की। नौ दिन की व्रती महिलाएं मां को प्रसन्न करने के लिए केले का भोग अर्पित किया। मां का पंचमेवा से शृंगार किया गया। मां का दरबार घंटा-घड़ियाल, शंख औक करतल ध्वनि से गूंजायमान रहा। ज्ञानपुर के घोपईला माता मंदिर, पुरानी बाजार के शीतला मंदिर, हरिहरनाथ मंदिर में विराजमान मां काली देवी मंदिर पर सुबह-शाम श्रद्धालु की भीड़ होती हैै। गोपीगंज के सदर मोहाल्ला स्थित सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर, चौरा माता मंदिर, बंबा देवी, काली माता मंदिर, काली महाल के साथ गंगा तट पर विराजमान मां शीतला धाम डेरवा, शक्ति धाम तिंलगा, मोढ़, सीतामढ़ी, सुरियावां, चौरी, भदोही, अभोली, मतेथू आदि देवी मंदिरों पर में लोगों की सुबह से ही भीड़ रही। सुबह मंगला आरती के बाद प्रातः काल से शुरू दर्शन-पूजन रात तक चलता रहा।
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तीनों पहर हो रहे धार्मिक अनुष्ठान नई बाजार। उत्तर फटका स्थित शीतला माता मंदिर में हर दिन तीनों पहर धार्मिक अनुष्ठान चल रहा है। सुबह, दोपहर, शाम को मां की आरती हो रही है। शाम को दुर्गा सप्तशती के पाठ के बाद मंगला आरती होती है। इसके बाद प्रसाद का वितरण होता है। दोपहर में महिलाएं मंदिर परिसर में देवी पचरा गाती हैं। रवि भागवत गुप्ता अपनी पत्नी पिंकी गुप्ता के साथ विशेष रूप से मां की आराधना कर रहे हैं। आचार्य सूरज महाराज, पं. घनश्याम दुबे, पं. प्रदीप दुबे धार्मिक अनुष्ठान करा रहे हैं। इस मौके पर लालता सोनकर, पीटर सोनकर, धीरज साहू, सुरेश चंद्र साहू, सावित्री देवी, सिमरन आदि मौजूद रहे।