ज्ञानपुर। लगातार कटते पेड़ और कम होते बाग-बगीचे के बीच अब वन विभाग जिले के 200 गांवों में सघन वन स्थापित करेगा। विभाग की ओर से गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसके बाद वहां पर बड़ी संख्या में पौधे रोपित कर उसका संरक्षण किया जाएगा। विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे।
गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बगीचे होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनिटरिंग भी करेगा।
विभाग का दावा है कि जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। प्रथम चरण में जिले के 200 गांव को हरियाली का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसकी देखभाल वन विभाग की ओर से तीन साल तक किया जाएगा। पौधा सूखने पर नया पौधा लगाया जाएगा। हर 15 दिन में वन विभाग, एनजीओ, संस्था के कर्मचारी वन की निगरानी करेंगे।
कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
साल - वनावरण क्षेत्र 2019 - 3.12 फीसदी
2021 - 3.71 फीसदी 2023 - 5.22 फीसदी
नोट - वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।
जिले के 200 गांव में सघन वन तैयार किया जाएगा। इस मुहिम में एनजीओ, संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा। तीन साल में हर एक-एक गांव में वन तैयार होगा। यहां एक नया मॉडल स्थापित किया जाएगा। 9 विवेक यादव, डीएफओ भदोही