शिवरामपुर गांव निवासी कन्हैया के परिवार वाले शनिवार की रात खाना खाकर मड़हे में सोने चले गए। एक मड़हे में कन्हैयालाल (44), उनका बेटा करन (11) और पत्नी फुलदेई सोए थे।
रात में करीब 11 बजे मड़हे में रखी ढिबरी गिरने से आग लग गई। कन्हैयालाल अपनी नि:शक्त पत्नी फुलदेई को मड़हे से निकालने लगे। इसी दौरान मड़हे की बड़ेर टूटकर करन पर गिर गई।
बड़ेर से दबने से करन निकल नहीं सका और झुलसने से उसकी मौत हो गई। बेटे को बचाने में कन्हैयालाल झुलस गए। खबर लगते ही आसपास के कई गांव के लोग जुट गए।
ज्ञानपुर कोतवाली प्रभारी प्रमोद त्रिपाठी ने मौका मुआयना किया और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेखपाल कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव ने रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को देदी। करन चार भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था।