उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा हादसा है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। जांच के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके साथ डीआरएम अनिल कुमार लाहोटी भी थे।
जीएम सुबह 8.30 बजे मोढ़ स्टेशन पर स्पेशल सैलून से पहुंचे। वे लगभग 20 मिनट तक वहां रहे। इस दौरान वे पूर्वी केबिन से मोढ़ स्टेशन तक गए और दुर्घटना के कारण की पड़ताल की।
इस दौरान डीआरएम समेत मोढ़ स्टेशन के अधिकारियों से भी दुर्घटना की जानकारी ली। मालगाड़ी पर कितना कोयला लदा था। कहां से आ रहा था और कहां ले जाया जा रहा था आदि के बावत पूछताछ की।
वहां मौजूद पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर बताया कि सेटेलाइट के माध्यम से उन्हें काफी जानकारी पहले से ही है। लेकिन स्थलीय निरीक्षण बेहद अहम था।
जीएम ने कहा जांच शुरू हो गई है। नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। उधर डीआरएम अनिल कुमार लाहोटी ने बताया कि मालगाडी में 15 सौ टन कोयला लदा था।
बताया कि रूट पर ट्रेनों का आवागमन सुचारु होने में एक सप्ताह लगेगा। शनिवार को जीएम के आने की सूचना से भदोही और मोढ़ स्टेशनों पर व्यवस्था चाक चौबंद रही। मोढ़ स्टेशन पहुंचने से पूर्व भदोही स्टेशन पहुंचने पर वे कुछ देर के लिए अपने सैलून से उतरे और चहलकदमी कर वापस सैलून में सवार हो गए।