वहिदानगर। डीघ ब्लॅाक के कालिका नगर गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर प्राचीन कुएं को अतिक्रमण से मुक्त और सुंदरीकरण की मांग जिला प्रशासन से की। इस दौरान बीडीओ डीघ के खिलाफ नारेबाजी की।
वयोवृद्घ रामरती देवी ने बताया कि दो दशक पूर्व उक्त कुएं से सैकड़ों परिवार प्यास बुझाते थे। लेकिन जैसे-जैसे हैंडपंप आदि की सुविधाएं मिलती गई वैसे-वैसे कुएं को लोग भूलते गए। नतीजतन इसका लाभ उठाकर मनबढ़ लोगों ने कुएं की जगत से लेकर आसपास की खाली पड़ी जमीन पर अवैध ढंग से अतिक्रमण कर लिया है। इसके साथ ही लोगों ने कुछ और समय बीतने पर कुएं को कूड़ा घर मानकर उसमें प्रतिदिन गंदगी फेंकना शुरू कर दिया। जिसके चलते मौजूदा समय में परिणाम यह है कि वर्तमान में कुएं के पास खड़ा हो पाना मुश्किल हो चुका है।
बताया कि यदि विरोध किया जाता है तब थाना, चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों से ऊंची पकड़ का धौंस देकर शांत रहने की हिदायत दी जाती है। चिंता की बात यह है कि गर्मी के मौसम में गांव के हैंडपंप, पाइप लाइन, सोलर वाटर पंप साथ छोड़ देते हैं उस दौरान ग्रामीणों को पेयजल के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती है। इस संबंध में वंदना वर्मा ने बताया कि तीन बार से ग्रामसभा की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी कुएं का स्वरूप बदलने में कोई पहल नहीं की गई। जबकि कागजों पर हजारों रुपये सुंदरीकरण के नाम पर बंदरबांट कर लिया गया है। इस अवसर पर प्रदर्शन करने वालों में शशि विश्वकर्मा, लल्लू अग्रहरी, पंजाबी, लालचंद, रामरती अग्रवाल आदि शामिल रहें। वहीं बीडीओ सुरेंद्र मौर्य ने कहा कि मामले की जांच कराकर जनहित में कुएं की स्थिति को सुधारा जाएगा।