ऑल इंडिया मजलिस ऐत्ताहुदुल मुस्लिमीन एआईएमआईएम पार्टी के बैनरतले मंगलवार को जयरामपुर-औराई के काश्तकारों ने एनएचएआई के खिलाफ प्रदर्शन किया। डीएम के नाम प्रार्थनापत्र एडीएम को देकर कहा कि मुआवजा नहीं मिला तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में आल इंडिया मजलिस ऐत्ताहुदुल मुस्लिमीन पार्टी के मिर्जापुर मंडल महासचिव मो. इमरान अहमद ने आरोप लगाया है कि एनएचएआई ने 2019 में लगभग 33 काश्तकारों की जमीन तीन से छह मीटर तक अधिग्रहण करते हुए दक्षिणी लेन का निर्माण कर लिया। लेकिन किसानों को मुआवजा अभी तक नहीं दिया जा सका है। दरअसल तहसील औराई के अधिकारी और राजस्व टीम काश्तकारों के हित में रिपोर्ट भी लगाकर एनएचएआई को भेजा है बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि उत्तरी लेन पर तालाब आदि की जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों से मिलीभगत कर मनमानी भुगतान किया है। जबकि काश्तकार बार-बार क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज-वाराणसी, औराई तहसील, एसएलओ कार्यालय का चक्कर काटकर थक-हार चुके हैं। उन्हें सिर्फ यह कहकर वापस किया जा रहा है कि अधिगृहीत जमीन एनएचएआई की है ,जिस पर आप लोगों ने अतिक्रमण कर निर्माण कराया है उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। अब सवाल यह है कि आराजी नंबर 105-106 की जमीन काश्तकारों के नाम है और राजस्व खतौनी में दर्ज है। अधिग्रहण करते समय विरोध न होने के डर से अधिकारियों ने काश्तकारों को सर्किल दर पर मुआवजा देकर शांत किया गया था आज वही अधिकारी अपने आश्वासन से मुकर रहे हैं। आज 33 काश्तकार के लगभग तीन सौ परिवार कहीं छप्पर लगाकर रहने के लिए विवश हैं तो किराए के मकान में। परिवारों को इंतजार है कि एनएचएआई उन्हें मुआवजा देगी तो स्थाई निर्माण अन्यत्र कराकर गुजर-बसर किया जा सकेगा जो संभव नहीं होता दिख रहा है। तत्कालीन डीएम राजेंद्र प्रसाद से हुई शिकायत पर मुआवजा के लिए एनएचएआई को सख्त निर्देश दिया था जिसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। काश्तकार अपनी आवाज तब तक उठाते रहेंगे जब तक मुआवजा की राह में व्यवधान दूर होगा।
इस संबंध में एडीएम शैलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर जांच कराई जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में हाजी फिरोज आलम, मो. हसीब, इश्तखार, जुनेद आलम, मुनीर अहमद, मो. मुनीब आदि रहे।