सामूहिक दुष्कर्म समेत कई मुकदमों में आगरा जेल में निरुद्ध ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तलब किया है। बुधवार को कोर्ट में उनकी पेशी है। गिरफ्तारी के करीब नौ माह बाद भी मुकदमों की रिमांड नहीं बन सकी। इसलिए रिमांड बनने के लिए उनकी पेशी जरूरी है। ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र के खिलाफ जुलाई 2020 के बाद ताबड़तोड़ छह से सात मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें व्यापारी को धमकी, रिश्तेदार की जमीन हड़पने, ग्राम प्रधान के लेटरपैड का दुरुपयोग और सामूहिक दुष्कर्म जैसे मामले आदि शामिल रहे। इसमें उनकी पत्नी एमएलसी रामलली मिश्र, बेटे विष्णु मिश्र और नाती ज्योति मिश्र के खिलाफ भी केस दर्ज हुए। अगस्त में मध्य प्रदेश के आगरा से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस समय वह सेंट्रल जेल आगरा में बंद है। करीब नौ से 10 माह बाद भी मुकदमों में रिमांड नहीं बन सकी है। यही कारण है कि सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य मामलों में चार्जशीट दाखिल करने में पेंच फंसा हुआ है। यहां अवगत करा दें कि विधायक अभी आगरा जेल में बंद हैं, जबकि उनकी पत्नी फिलहाल अंतरिम जमानत पर बाहर हैं और बेटा फरार है। उनकी अधिवक्ता रीमा पांडेय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई का प्रयास किया गया था, लेकिन नहीं हो सका। मुकदमों में अभी रिमांड नहीं बन सका है, जिसके कारण सीजेएम खातून बेगम की अदालत ने बुधवार को उन्हें तलब किया है। रिमांड के लिए पहली पेशी जरूरी है। पेशी की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने पेशी से अनभिज्ञता जताई है।