ज्ञानपुर। मौसम की तल्खी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बृहस्पतिवार को तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों को चिकित्सक बिना काम के धूप में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। खास तौर पर सुबह 11 से शाम चार बजे तक घरों में रहने की सलाह दे रहे हैं।
लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा पहले से अलर्ट मोड में है। 28 अस्पतालों में 90 बेड लू से पीड़ित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंद्रु द्विवेदी ने बताया कि राजस्थान से गर्म हवाएं चल रही हैं। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हुआ है। इसके कारण तापमान में बढ़ोतरी के साथ लू की स्थिति बनी है। लापरवाही बरतने पर लोग बीमार पड़ रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद से मौसम तल्ख होने लगता है। यह सिलसिला शाम पांच बजे तक बना रहा है। तापमान में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहेगा। धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। एक ओर आमजन गर्मी से राहत पाने के लिए शीतल पेय, गन्ने का रस और फलों का सहारा ले रहे हैं, वहीं प्यास बुझाने के लिए पशु, पक्षी भटक रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण शाम पांच बजे के बाद ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को 762 ओपीडी रही। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवाएं दी गईं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी पीने में कोताही करेंगे तो निश्चित रूप से बीमार पड़ सकते हैं। लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा में पहले से अलर्ट है। 28 अस्पतालों में 90 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।