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Bhadohi News: 16 घंटे में 15 मिमी बारिश से 4 डिग्री गिरा तापमान, खेतों में रखा धान भीगा

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बरसात से छतरी लगाकर स्कूल जाते छात्र-छात्राएं। संवाद - फोटो : ARchive
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ज्ञानपुर। अर्नब चक्रवात का असर जिले दो दिनों से लगातार देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को 16 घंटे तक लगातार हुई बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ग्रामीण अंचल की सड़कें कीचड़ में सन गई। तेज हवा संग बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी। हवा के कारण पक कर तैयार धान की फसल खेत में गिर गई और कट कर रखी फसलें भीग गईं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में 15 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं हवा की रफ्तार हवा 30 किलोमीटर प्रति घंटा रही। बारिश से अधिकतम तापमान 31 से लुढ़क कर 27 डिग्री पहुंच गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गिरी हुई फसल 20 से 50 फीसदी तक नुकसान होगा।
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इसके पहले अक्तूबर 2025 में मोथा तूफान आने के कारण किसानों की धान की फसल चौपट हो गई थी। इस बार अर्नब चक्रवात ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी में मंगलवार को चक्रवात सक्रिय हुआ था। बुधवार से ही जिले में इसका असर दिखने को मिला है। दिनभर आसमान में बादलों का जमघट रहा। वहीं आधी रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन होती रही। इसके चलते जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। गांव की पगडंडी मार्ग कीचड़ में सन गई है। आवागमन के दौरान दिक्कतें हुईं। मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे में 15 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में चार डिग्री लुढ़क कर 31 से 27 डिग्री पहुंच गया। अचानक हुई इस बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीरा पट्टी, भदोही, भिदिऊरा, ज्ञानपुर, पाली, कुरमैचा, नवधन, चौरी आदि स्थानों पर धान की फसल गिरी है।

50 फीसदी धान की फसल नुकसान

कृषि केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि 35 से 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती हुई है। बारिश के कारण जो फसलें गिरी है, वह करीब 50 फीसदी नुकसान हुआ है। क्योंकि वह फसल पक कर तैयार है, मौसम साफ होने पर भी अब वह फसल उठ नहीं सकती है। मड़ाई के बाद उसके चावल में कालापन आ सकता है।
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किसानों की प्रतिक्रिया

डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती किया हूं, लेकिन बेमौसम बारिश होने से आधे से ज्यादा फसल गिर गई है। यही साल भर की कमाई होती है। - रमाशंकर बिंद, कुरमैचा।

दो हेक्टेयर में धान की खेती किया हूं, फसल पक चुकी थी। कटाई करने की तैयारी चल रही थी। मौसम खराब होने के कारण कटाई नहीं किया। बारिश होने के कारण सारी फसल नुकसान हुआ है। - अंबरीष चतुर्वेदी, ऊंज।

एक हेक्टेयर में धान की खेती किया हूं, धान की कटाई शुरू है। इसी बीच बारिश होने से फसल की नुकसान हो गई। काटी गई फसल खेत में ही छोड़ी गई। - राजेश सिंह, दरवासी।

चार हेक्टेयर में धान की खेती किया हूं, धान की फसल पक कर तैयार है, हार्वेस्टर के इंतजार में कटाई कार्य नहीं शुरू हो सका है। बारिश के कारण फसल गिरी है। एक बीघा में धान की फसल गिरी है। श्यामधर सिंह, औराई।

बारिश के कारण अधिक तापमान में चार डिग्री की कमी आई है। इस सीजन में ऐसा पहली बार हुआ है, जबकि 24 घंटे में एक साथ चार डिग्री तापमान लुढ़का है। तापमान 31 से 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 19 डिग्री पर स्थिर रहा। शुक्रवार को अधिकतम पारा 25 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री पहुंचने की उम्मीद है। - अजय कुमार, प्रभारी, बेजवां।

एक नजर तापमान पर

साल 2025

तिथि - अधिकतम - न्यूनतम

27 अक्तूबर - 31.1 - 21.9

28 अक्तूबर - 28.6 - 21.1

29 अक्तूबर - 26.3 - 20.1

साल 2026

तिथि - अधिकतम - न्यूनतम

27 अक्तूबर - 31 - 19

28 अक्तूबर - 31 - 19

29 अक्तूबर - 27 - 19

नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

बरसात से छतरी लगाकर स्कूल जाते छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : ARchive

बरसात से छतरी लगाकर स्कूल जाते छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : ARchive

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