राजस्व टीम ने कराई विधायक की जमीन की पैमाइश
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आठ घंटे तक चली पैमाइश के बाद टीम वापस लौटी
नवधन गांव की अन्य जमीनों की भी हुई नापजोख
दो कानूनगो और 15 लेखपालों के साथ तहसीलदार ने कराई पैमाइश
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर/ऊंज। डीघ ब्लॉक के नवधन गांव में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर स्थित ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र की जमीन की सोमवार को पैमाइश कराई गई। ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने दो कानूनगो और 15 लेखपालों की टीम लेकर जमीन की नापजोख कराई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक पैमाइश करने के बाद राजस्व टीम वापस लौटी। कहा कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी।
भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने ज्ञानपुर विधायक पर नवधन में जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार को राजस्व टीम दल-बल के साथ जमीन की पैमाइश करने पहुंची। देर शाम तक राजस्व अधिकारियों ने जमीन की नापजोख में माथापच्ची की। सुरक्षा के लिहाज से गोपीगंज और ऊंज थानों की पुलिस के अलावा एक कंपनी पीएसी भी बुलाई गई थी। तहसीलदार ने बताया कि नवधन में विधायक की जमीन के अतिरिक्त हाईवे पर स्थित अन्य जमीनों की भी पैमाइश कराई गई। पैमाइश पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। उधर विधायक विजय मिश्र ने कहा कि विक्रेता के कब्जे से जितनी जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, उसी पर बाउंड्री कराई गई थी। क्योंकि जमीन पर लगाए गए पौधों की सुरक्षा जरूरी थी। हमने डीएम और अन्य अधिकारियों को पहले ही पत्र लिखकर कहा था कि जमीन की पैमाइश करा ली जाए, अगर रजिस्ट्री कराई गई जमीन से अधिक निकलती है, मैं स्वयं अपने खर्च से चहारदीवारी तोड़वा दूंगा। कहा कि उस जमीन पर गोशाला, भगवान परशुराम की विशालकाय प्रतिमा, नि:शुल्क वेद शिक्षा के लिए पाठशाला और धर्मशाला आदि के निर्माण की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
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नवधन, सुधवैं और गोधना में भारी अतिक्रमण
ज्ञानपुर। राजमार्ग से लगे नवधन, सुधवैं और गोधना गांवों में सार्वजनिक महत्व की 100 बीघे से अधिक जमीन पर जबर्दस्त अतिक्रमण है। कहीं पेट्रोल पंप, हॉस्पिटल के भवन बन गए हैं तो कहीं जमीन को पाटकर निजी उपयोग में लिया जा रहा है। इसकी कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कारगर कार्रवाई नहीं की। गोधना में तालाबों पर भारी कब्जा है। दो दिन पूर्व ही पैमाइश में तालाब की जमीन पर 27 लोगों का कब्जा प्रकाश में आया है। इसी तरह अन्य गांवों सरकारी जमीनों पर भी कब्जा किया गया है।