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अस्पताल में तकनीकी कर्मी तैनात, एक्सरे मशीन नहीं

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ग्रामीण अंचल की करीब डेढ़ लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ खुद बीमारी के हालात से गुजर रहा है। संसाधन व स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले के अति पिछड़े ब्लॉक में शामिल डीघ में स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक नहीं है। इस सीएचसी में अभी तक एक्सरे मशीन तक उपलब्ध नहीं हो पाई है, जबकि एक्सरे मशीन चलाने वाले टेक्नीशियन की तैनाती केंद्र पर कर दी गई है। यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स और एएनएम की कमी की समस्या से जूझ रहा है। इसके चलते टीकाकरण और प्रसव जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। यहां 10 डॉक्टरों की तैनाती के बावजूद ओपीडी की संख्या कम रहती है। शनिवार को महज 67 मरीज ओपीडी में पहुंचे। अधीक्षक का कहना है कि औसतन प्रतिदिन लगभग 150 मरीजों की ओपीडी होती है। अस्पताल में काफी पुराना जनरेटर है, जो जर्जर दशा में है और आए दिन खराब हो जाता है। एक्सरे की सुविधा नहीं होने से मरीजों को जिला अस्पताल जाना पड़ता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ.क्षत्रपाल ने बताया कि सीएचसी और इसके अंतर्गत तीन अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों कटरा, सेमराध और जंगीगंज में कुल 10 एएनएम और 4 स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं, लेकिन संख्या आधी भी नहीं है। उन्होंने बताया कि कटरा स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स और सेमराध में स्टाफ नर्स और एएनएम दोनों नहीं हैं। जंगीगंज में एक डॉक्टर की कमी है। उधर, कम संसाधनों के बावजूद डीघ सीएचसी परिवार नियोजन (बंध्याकरण) में जिले में नंबर वन पर है। महज पांच माह में ही डीघ ब्लॉक की एक हजार से अधिक महिलाएं और 11 पुरुष परिवार नियोजन के लिए नसबंदी करा चुके हैं। अधीक्षक ने बताया कि हर मंगलवार और शुक्रवार को नसबंदी होती है। उधर, मौसम में परिवर्तन होने से बुखार और खांसी के मरीज अस्पताल में अधिक आ रहे हैं। अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में खांसी और बुखार के जो भी मरीज आते हैं, उनको दवा देने से पहले कोविड की जांच की जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि साफ - सफाई पर विशेष ध्यान दें। ताजा भोजन, फल और दूध जरूर लें।
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