कालीन नगरी में हरे पेड़ो की कटाई थम नहीं रही है। ज्ञानपुर रेंज के कोल्हुआं पांडेयपुर में शनिवार को वनमाफियाओं ने बिना अनुमति के सागौन के 35 पेड़ काट दिया। वन विभाग के अफसर पहले तो शांत रहे, लेकिन रविवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर खलबली मच गई।
इसमें वन कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई। जिसको लेकर डीएफओ ने जांच शुरू करा दी। लकड़ी को जब्त कर जुर्माना लगाने की तैयारी में विभाग जुट गया है। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाय गया। जिले भर में पौधरोपण करके पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प अधिकारियों से लेकर आमजन मानस तक ने लिया।
अभी भी पर्यावरण सप्ताह चल रहा है, दूसरी ओर तेजी से हरे पेड़ों की बलि लकड़ी माफिया चढ़ा रहे हैं। बीट प्रभारी, वाचर, उड़न दस्ता टीम हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आये दिन मोढ़, चौरी क्षेत्र के सड़को पर लकड़ी लदी ट्रैक्टर ट्राली फर्राटे भरते दिखते रहते हैं। रेंज कार्यालय के अधिकारियों को भनक तक नहीं लगती या सबकुछ तालमेल के हिसाब से चलता रहता है।
अधिकतर मामले तो दब जाते हैं, लेकिन कुछेक मामलों में वन विभाग की मुश्किलें बढ़ जाती है। कोल्हुआं पांडेयपुर गांव में शनिवार को करीब 30 से 35 हरे सागौन के पेड़ों को काट दिया गया। वन विभाग से इसकी अनुमति नहीं ली गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में बिना अनुमति के पेड़ काटे जाते हैं।
बगीचे में इतने पेड़ थे, एक एक करके सब खाली होते जा रहे हैं। कोल्हुआं पांडेयपुर प्रकरण में कुछ वनकर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई। जिसको लेकर उन पर कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है। यह पहला मामला नहीं है। 10 दिन पूर्व उमरिया में 10 पेड़ और 20 दिन पूर्व पलवारपुर में पांच पेड़ काट दिया गया। खबर मिलने पर वनकर्मी मौके पर गए, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
कोल्हुआं पांडेयपुर में सागौन के पेड़ काटने की सूचना मिली। मौके पर टीम ने पहुंचकर लकड़ी को जब्त कर लिया है। जुर्माना लगाया जाएगा। वन कर्मियों के संलिप्तता की बात सामने आई है। उसकी जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।- नीरज आर्य, डीएफओ भदोही