ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहा पर जुलूस में तिरंगा लहराता युवक। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में मुहर्रम शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 500 से अधिक ताजिया इमाम चौक से उठकर कर्बला में ठंडे किए गए। इस दौरान या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। अखाड़ेदारों ने जंगी जौहर का प्रदर्शन किया। कर्बला में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे ताजियों के ठंडा होने के बाद पुलिस- प्रशासन ने राहत की सांस ली। जुलूस में अखाड़ेदारों ने फन-ए-सिपहगिरी का प्रदर्शन कर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद ताजा की। महिलाएं आंखों में आंसू लिए ताजिया को कर्बला पहुंचा कर मुरादें मांग रहीं थीं।
ज्ञानपुर नगर के पुरानी बाजार, भुड़की, बालीपुर समेत अन्य क्षेत्र से आए ताजिया ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे पर एकत्रित हुए। जहां अखांड़ों की तरफ से जोरदार प्रदर्शन किया गया। अंत में कर्बला में पहुंचकर दफन हुए। सुरियावां के नगर क्षेत्र के कई गांवों से निकला ताजिया जुलूस लागी बाजार और बावन बीघा तालाब कर्बला पर दफन किए गए। जिसमें कुंदी पुरा का ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा।
एक ही ताजिया में अजमेर शरीफ, कलियर शरीफ, बरेली और आगा शाह के रोजे का सीन दर्शाया गया। इस मौके पर पूर्व सभासद सफीक अंसारी, अब्दुल रऊफ, रईस अहमद, भुट्टो अली, मकसूद अली, अब्दुल गनी, अहमद अली, मो. फारूक आदि रहे। गोपीगंज नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को यौम-ए-आशूरा दसवीं मुहर्रम का जुलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया। या हुसैन, या हुसैन’ की सदाओं के बीच जुलूस गिराई स्थित करबला पहुंचा, जहां इमाम चौक पर रखे गए ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए। शेख सलामत अखाड़े के जुलूस में 21 ताजिए शामिल रहे। इस मौके पर अच्छू खान, हाजी लाल मोहम्मद, मुमताज बल्ला, एनुलहक सैफ आदि रहे। औराई के घोसियां, माधोसिंह समेत ग्रामीण क्षेत्रों से निकले 30 ताजिया कर्बला में दफन किए गए। जुलूस में नगर के तीनों प्रमुख अखाड़ों ने हिस्सा लिया। पहला अखाड़ा चमनगंज तकिया, दूसरा अखाड़ा हिकमतगंज तथा तीसरा अखाड़ा पश्चिम मोहल्ला का रहा। इस मौके पर खलीफा नवाब अहमद, मोहम्मद पुल्लू और छेदी, पूर्व चेयरमैन एबरार अली आदि रहे। दुर्गागंज और अभोली क्षेत्र में 11 कर्बला पर कुल 24 ताजिया दफन हुए।