ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक के सुधवैं गांव में नौ लाख से अधिक के गबन के मामले में डीएम गौरांग राठी ने ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया। जेई को निलंबित करने के साथ ही ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए त्रिसदस्यीय समिति का गठन करने का निर्देश दिया है। अंतिम जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
करीब एक साल पूर्व सुधवैं के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव में होने वाले विकास कार्याें में धांधली का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर सीडीओ यशवंत कुमार सिंह ने तकनीकी टीम के साथ गांव का निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी मिली। जहां अमृत सरोवर का निर्माण कराए बिना ही पांच लाख 13 हजार 187 रूपये, कंपोजिट विद्यालय वहिदानगर के दिव्यांग शौचालय का निर्माण कराए बिना 63 हजार 748 रुपये, प्राथमिक विद्यालय सुधवैं में दिव्यांग शौचालय का 75 हजार 616 और प्राथमिक विद्यालय सुधवैं में सोलर वाटर पंप लगाए बिना ही दो लाख 49 हजार रुपये निकालना पाया गया।
सीडीओ के नेतृत्व में कराई गई जांच में प्रथम दृष्टया विकास कार्य में अनियमितता एवं गबन की पुष्टि हुई। जिसको संज्ञान में लेते हुए सीडीओ ने अगस्त में ही ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार त्यागी को निलंबित कर दिया। जांच में यह भी पाया गया कि अवर अभियंता और प्रधान भी शामिल हैं। जांच आख्या जिलाधिकारी के पास भेजी गई। सोमवार को डीएम गौरांग राठी ने सुधवैं की ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया। अवर अभियंता अजय भारती को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने बताया कि गबन में प्रधान का अधिकार सीज किया गया है। गांव में विकास कार्य प्रभावित न हो इसलिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने का निर्देश दिया गया।