अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर बृहस्पतिवार को जिलेभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए जोर दिया गया। जिले में रैलियां निकालकर जहां लोगों को बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के प्रति जागरूक किया गया, वहीं संगोष्ठियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से जीवन में तालीम की अहमियत बताई गई।
ब्लॉक संसाधन केंद्र ज्ञानपुर से जिला स्तरीय साक्षरता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को बेसिक शिक्षाधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शामिल अध्यापक और बच्चे साक्षरता, शिक्षा को लेकर जागरूकता संबंधी नारे लगा रहे थे। लड़का-लड़की एक समान, सबको शिक्षा सबको ज्ञान...। पढ़ेेंगे-पढ़ाएंगे देश का मान बढ़ाएंगे...आदि नारे लगाए। बीआरसी से निकलकर रैली नगर में भ्रमण करते हुए पशु अस्पताल के पास पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर, भुड़की, मिल्की, देहात आदि गांवों के बच्चों ने शिरकत किया। इस मौके पर समन्वयक मजीदुल्लाह खां, राजकुमार तिवारी, नीरज उपाध्याय, अतुल, संतोष, जमाल अख्तर, गीता देवी, रागिनी देवी, अखिलेश कुमार, मानिकचंद आदि रहे।
इसी तरह बीआरसी ज्ञानपुर में साक्षरता दिवस को लेकर संगोष्ठी आयोजित की गई। साक्षरता की ब्लॉक समन्वयक रागिनी देवी ने साक्षर भारत मिशन के अभियान को अवगत कराया। बताया कि लोक शिक्षा समिति का गठन कर केंद्र संचालित किया जा रहा है। हर केंद्र पर दो-दो शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की गई है। नवसाक्षरों को अगस्त और मार्च में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान नोएडा में साक्षरता प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बीएसए ने कहा कि मूलभूत और बुनियादी शिक्षा की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है।
पिछले कुछ समय से अध्यापकों की कमी के चलते गुणवत्ता पर असर पड़ा है। लेकिन, वह अब पूरी हो जाएगी। इस मौके पर अखिलेश यादव, जमाल अख्तर, शिवम, राम सिंह, भानु प्रकाश, गीता देवी, सुरेंद्र सिंह, मनोज उपाध्याय, इरफानुल हक, वीरेंद्र कुमार, सलाहुद्दीन, सेराज अहमद आदि मौजूद रहे। इसी तरह बीएसए कार्यालय में आयोजित साक्षरता गोष्ठी में बीएसए समेत विभाग के अधिकारियों ने विचार व्यक्त किए। इसमें समन्वयक अलका, रेनू देवी, रागिनी देवी, सभाजीत यादव, बुद्धिराम, वरुण आदि रहे।